हफ्ताखोर पुलिस ने ले ली युवक की जान
मुंबई : अपने परिवार को पालने के लिए किसी की गुलामी करने से बढ़िया उसने जूस का धंधा कर स्वयं रोजगार शुरू किया उसे क्या पता था कि यही धंधा उसकी जान का दुश्मन बन जाएगा। घटना ठाणे जिले में स्थित उल्हासनगर की है, जहां पुलिसवाले की हप्ताखोरी से तंग आकर एक युवक ने आत्महत्या कर ली। उल्हासनगर की सेंट्रल पुलिस थाने में हप्ताखोर कांस्टेबल के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामला जांच के लिए क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है।
मिली जानकारी के मुताबिक गुड्डू उर्फ सतीश खेड़कर नामक २२ वर्षीय युवक उल्हासनगर के चोपड़ा कोर्ट के पास रहता था। १२ तक पढ़ाई करने के बाद नौकरी की तलाश में दर-बदर भटकने के बाद सतीश ने अपने घरवालों और रिश्तेदारों से कर्ज लेकर घर के पास ही एक व्यवसाय शुरू कर दिया। जूस के साथ-साथ वहां वह खाना खिलाने का भी व्यवसाय करता था। उल्हासनगर सेंट्रल पुलिस स्टेशन में कार्यरत पवन केदार नामक पुलिस कांस्टेबल हमेशा उससे हफ्ते की मांग करता था। उक्त कांस्टेबल की हफ्तखोरी से गुड्डू तंग था। पुलिस कांस्टेबल पवन केदार ने कई बार होटल पर कार्रवाई भी की। इस कार्रवाई को रोकने के लिए कांस्टेबल सतीश से १०,००० रुपए प्रतिमाह हफ्ता देने की मांग करता था। हफ्ता न देने पर केदार गुड्डू को धंधा न करने देने की धमकी देता था। रोज-रोज की हफ्ते की मांग और धमकियों से तंग होकर कल सतीश ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस हादसे को शिवसेना ने गंभीरता से लिया। शिवसेना कल्याण उपजिलाप्रमुख चंद्रकांत बोडारे, शहरप्रमुख राजेंद्र चौधरी, नगरसेवक कुलवंत सिंह की मांग पर पुलिस कांस्टेबल पवन केदार पर मामला दर्ज किया है। अब आगे की जांच क्राइम ब्रांच करेगी।