मुंबई में दर्दनाक हादसा, मुर्गियां उतार रहे मजदूर की मौत
मुंबई। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में एक दर्दनाक सड़क हादसे में 53 वर्षीय मजदूर की मौत हो गई। बुधवार, 21 अक्टूबर की सुबह अंधेरी पूर्व के माजास इलाके में पीएमजी कॉलोनी के पास एक टेम्पो से मुर्गियां उतार रहे मजदूर को वाहन के पिछले दरवाजे से जोरदार चोट लग गई। बताया जा रहा है कि इसी दौरान वहां से गुजर रही बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (बेस्ट) की वेट-लीज बस टेम्पो के खुले दरवाजे से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि टेम्पो का दरवाजा वापस उछलकर मजदूर को जा लगा। हादसे में मजदूर की जान चली गई।
सुबह 10:15 बजे हुआ दर्दनाक हादसा प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 10:15 बजे फरीद अहमद शेख माजास इलाके में पीएमजी कॉलोनी के पास टेम्पो से मुर्गियां उतारने का काम कर रहा था। टेम्पो सड़क किनारे खड़ा था और उसका पिछला दरवाजा खुला हुआ था।
इसी दौरान माजास बस डिपो से अंधेरी की ओर जा रही बेस्ट की वेट-लीज बस वहां से गुजर रही थी। बताया जा रहा है कि बस का हिस्सा टेम्पो के खुले पिछले दरवाजे से टकरा गया। इसके कारण दरवाजा तेजी से वापस मुड़ा और मुर्गियां उतार रहे फरीद को जा लगा। अचानक हुई इस घटना में फरीद गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई। टेम्पो का दरवाजा बना मौत की वजह इस दुर्घटना की सबसे असामान्य बात यह है कि मजदूर सीधे बस की चपेट में नहीं आया था। प्रारंभिक विवरण के अनुसार, हादसा दोनों वाहनों के बीच हुई टक्कर के कारण हुआ।
जब बस टेम्पो के खुले पिछले दरवाजे से टकराई, तब दरवाजे ने तेजी से वापस घूमकर फरीद को चोट पहुंचाई। ऐसी परिस्थितियों में वाहन के भारी धातु के दरवाजे से लगने वाली चोट गंभीर हो सकती है। हालांकि, मृतक को शरीर के किस हिस्से में चोट लगी थी और मौत का सटीक चिकित्सकीय कारण क्या रहा, इसकी पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य चिकित्सकीय दस्तावेजों से इस संबंध में अधिक स्पष्टता मिल सकेगी।
घटना के बाद एमआईडीसी पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बेस्ट बस के चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस यह जांच कर रही है कि दुर्घटना किस परिस्थिति में हुई और क्या वाहन चलाते समय आवश्यक सावधानी बरती गई थी। जांच में यह भी देखा जा सकता है कि टेम्पो सड़क किनारे किस स्थिति में खड़ा था और उसका पिछला दरवाजा सड़क की ओर कितनी दूरी तक खुला हुआ था। इसके अतिरिक्त बस चालक को सामने मौजूद बाधा दिखाई दे रही थी या नहीं, यह भी जांच का महत्वपूर्ण विषय हो सकता है। एफआईआर दर्ज होने का अर्थ चालक का दोष सिद्ध होना नहीं है। दुर्घटना में जिम्मेदारी का निर्धारण उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगा। बस चालक के बयान में सामने आया घटनाक्रम दुर्घटना रिपोर्ट में दर्ज बस चालक के बयान के अनुसार, हादसा 21 अक्टूबर की सुबह करीब 10:15 बजे हुआ था। उस समय बस माजास डिपो से अंधेरी की दिशा में जा रही थी। रिपोर्ट में बस और टेम्पो के खुले पिछले दरवाजे के बीच टक्कर होने की जानकारी सामने आई है। अब पुलिस के लिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि हादसा वाहन के गलत तरीके से खड़े होने, पर्याप्त दूरी नहीं रखने या अन्य किसी परिस्थिति के कारण हुआ। पुलिस आसपास मौजूद संभावित प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम स्पष्ट कर सकती है।
वेट-लीज बस क्या होती है? मुंबई में बेस्ट सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का प्रमुख माध्यम है। इसके बेड़े में नियमित बसों के अलावा वेट-लीज व्यवस्था के अंतर्गत संचालित बसें भी शामिल हैं। वेट-लीज व्यवस्था में बसों का संचालन निजी ठेकेदारों के माध्यम से किया जाता है। सामान्यतः बस और चालक जैसी व्यवस्थाएं अनुबंध के अनुसार उपलब्ध कराई जाती हैं। ऐसी बसें बेस्ट के निर्धारित मार्गों पर यात्रियों को सेवाएं देती हैं। इस मामले में शामिल बस भी वेट-लीज व्यवस्था के अंतर्गत संचालित बताई गई है। दुर्घटना के बाद संबंधित चालक और बस संचालन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच से यह स्पष्ट हो सकता है कि घटना के समय किन सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था। पहले भी सामने आ चुके हैं BEST बसों से जुड़े हादसे मुंबई में पिछले कुछ समय के दौरान BEST बसों से जुड़े कई सड़क हादसे सामने आए हैं। जून 2026 में मलाड पूर्व में एक BEST बस की टक्कर से सड़क किनारे खड़ी कैब के चालक की मौत हो गई थी। उस घटना के बाद भी बस संचालन और सड़क सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई थी। इसके अलावा 14 अक्टूबर को चेंबूर के छेड़ा नगर सिग्नल के पास एक टैंकर और BEST बस के बीच टक्कर में चार यात्री घायल हुए थे। हालांकि, इन घटनाओं की परिस्थितियां अलग-अलग थीं। प्रत्येक हादसे में जिम्मेदारी तय करने के लिए स्वतंत्र जांच आवश्यक होती है। सड़क किनारे माल उतारने के दौरान सावधानी जरूरी मुंबई जैसे व्यस्त महानगर में सड़क किनारे माल चढ़ाने और उतारने का काम आम बात है। बाजारों, दुकानों और आवासीय क्षेत्रों में सामान पहुंचाने वाले वाहनों को कई बार सीमित स्थानों पर रुकना पड़ता है। ऐसे में सड़क की ओर खुले दरवाजे, वाहनों के आसपास काम करने वाले मजदूर और पास से गुजरते यातायात के बीच दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, सामान उतारते समय वाहन को सुरक्षित स्थान पर खड़ा करना, खुले दरवाजों की स्थिति पर ध्यान देना और जरूरत के अनुसार चेतावनी संकेतों का उपयोग करना महत्वपूर्ण है। इसी तरह सड़क किनारे खड़े वाहनों के पास से गुजरते समय बस और अन्य भारी वाहनों के चालकों को पर्याप्त दूरी बनाए रखनी चाहिए।