सीजेपी अब मुंबई पुलिस पर आगबबूला, रत्ना सिंह बोलीं - इस देश का बर्बाद होना तय है
मुंबई : छात्रों के एक विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की लीगल हेड रत्ना सिंह ने सवाल उठाए हैं. उन्होंने आंबेडकरवादी कार्यकर्ता और ऑल इंडिया आंबेडकर स्टूडेंट्स एंड टीचर्स एसोसिएशन की महासचिव दीपाली साल्वे के एक्स पोस्ट को लेकर कहा कि इस देश का बर्बाद होना तय है.
दीपाली साल्वे ने मुंबई में छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर कईं वीडियो और फोटो एक्स पर शेयर किए. उन्होंने पोस्ट कर लिखा, "मुंबई पुलिस ने साहिल वाकोडे के माता-पिता को हिरासत में ले लिया है. पुलिस ने छात्रों के साथ बहुत बेरहमी से बर्ताव किया. महिला प्रदर्शनकारियों को घसीटा गया और उनके निजी अंगों को छुआ गया और पुलिस ने उन्हें पीटा. वकीलों और कार्यकर्ताओं से साकीनाका पुलिस स्टेशन पहुंचने की अपील की जा रही है."
आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत को लेकर उनके परिवार ने संस्थान के एक प्रोफेसर पर जातिगत भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं. परिवार आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है. इसी को लेकर रविवार को आईआईटी बॉम्बे के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया.
कौन थे साहिल वाकोडे
साहिल वाकोडे आईआईटी बॉम्बे में बीटेक के दूसरे वर्ष के छात्र थे. 18 सितंबर 2026 को हॉस्टल के कमरे में उनकी मौत हो गई थी. उनकी मौत से पहले परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर एक घटना हुई थी. पुलिस के मुताबिक साहिल को परीक्षा में मोबाइल का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था. बाद में जांच में यह पहलू भी सामने आया कि उन्होंने संस्थान से गलती के लिए माफी मांगते हुए एक और मौका देने की अपील की थी.
साहिल के परिवार का आरोप है कि उनके बेटे को जाति के आधार पर भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा था. शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी. हालांकि जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न के आरोपों की पुष्टि जांच से होनी बाकी है.