महाराष्ट्र में एफडीए की बड़ी कार्रवाई, 5 जिलों में छापेमारी कर 1.28 करोड़ का खाद्य तेल जब्त
पुणे। महाराष्ट्र में त्योहारों के मौसम को देखते हुए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने बड़ी कार्रवाई की है। पुणे डिवीजन के पांच जिलों में खाद्य तेल बनाने और बेचने वाले प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर विभाग ने करीब 1.28 करोड़ रुपये कीमत का खाद्य तेल जब्त किया है। 9 अक्टूबर को चलाए गए विशेष जांच अभियान के दौरान कुल 25 स्थानों पर कार्रवाई की गई। इस दौरान 74,612.11 किलोग्राम खाद्य तेल जब्त किया गया, जिसकी कुल कीमत 1,28,73,047.60 रुपये बताई गई है।
एफडीए की ओर से 10 अक्टूबर को जारी बयान के अनुसार, यह अभियान पुणे, सांगली, सोलापुर, सतारा और कोल्हापुर जिलों में चलाया गया। विभाग को खाद्य तेल की गुणवत्ता, सुरक्षा और लेबलिंग से संबंधित अनियमितताओं की आशंका थी। जांच के दौरान कई प्रतिष्ठानों में गंभीर कमियां सामने आईं। जब्त किए गए तेल के नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद विभाग आगे की कानूनी कार्रवाई करेगा।
महाराष्ट्र एफडीए ने 9 अक्टूबर को पुणे डिवीजन के पांच जिलों में विशेष जांच अभियान चलाया। इस अभियान के अंतर्गत पुणे, सांगली, सोलापुर, सतारा और कोल्हापुर जिले शामिल थे। विभाग की टीमों ने खाद्य तेल के निर्माण और बिक्री से जुड़े कुल 25 स्थानों पर छापेमारी की। कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य तेल की गुणवत्ता, सुरक्षा और पैकेजिंग से जुड़े नियमों के पालन की जांच करना था। त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने को देखते हुए विभाग ने निगरानी तेज की थी।
इस अभियान में विशेष रूप से उन कारोबारियों की जांच की गई, जिनके उत्पादों के घटिया, असुरक्षित या गलत लेबल वाले होने की आशंका थी। 1.28 करोड़ रुपये से अधिक का तेल जब्त एफडीए के अनुसार, विशेष अभियान के दौरान कुल 74,612.11 किलोग्राम खाद्य तेल जब्त किया गया। जब्त तेल की कीमत 1,28,73,047.60 रुपये बताई गई है। इतनी बड़ी मात्रा में तेल जब्त होने से यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण बन गई है।
हालांकि, किस जिले से कितनी मात्रा में तेल जब्त किया गया, इसका अलग-अलग विवरण उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा जब्त किए गए तेल में कौन-कौन सी किस्में शामिल हैं, इसकी पूरी जानकारी भी सामने नहीं आई है। फिलहाल विभाग ने तेल के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। प्रयोगशाला भेजे गए तेल के नमूने एफडीए ने जब्त किए गए खाद्य तेल के नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा है। प्रयोगशाला जांच से तेल की गुणवत्ता और निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। विभाग ने बताया है कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसका अर्थ है कि फिलहाल जब्त किए गए सभी तेल को प्रयोगशाला से असुरक्षित या मिलावटी घोषित किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। जांच में सामने आई अनियमितताओं और तेल की गुणवत्ता के संबंध में अंतिम स्थिति रिपोर्ट मिलने के बाद स्पष्ट होगी। कई प्रतिष्ठानों में मिली गंभीर खामियां विशेष जांच अभियान के दौरान एफडीए की टीमों को खाद्य तेल के निर्माण और बिक्री से जुड़े प्रतिष्ठानों में कई कमियां मिलीं। इनमें घटिया गुणवत्ता वाले तेल की आशंका, प्रयोगशाला की अनुपलब्धता और प्रयोगशाला के काम नहीं करने जैसी समस्याएं शामिल थीं। इसके अलावा कुछ स्थानों पर योग्य केमिस्ट की अनुपस्थिति भी सामने आई। विभाग ने तेल की रीपैकेजिंग, लेबलिंग और रिकॉर्ड रखने की व्यवस्था में भी अनियमितताएं पाईं। इन कमियों को खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय माना गया है। हालांकि, किस प्रतिष्ठान में कौन-सी अनियमितता मिली, इसका पूरा विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है। प्रयोगशाला और केमिस्ट की कमी एफडीए की जांच में कुछ प्रतिष्ठानों में प्रयोगशाला का संचालन नहीं होने या प्रयोगशाला उपलब्ध नहीं होने की जानकारी सामने आई। इसके अलावा योग्य केमिस्ट की अनुपस्थिति भी पाई गई। खाद्य तेल के निर्माण और गुणवत्ता नियंत्रण में आवश्यक परीक्षण व्यवस्था महत्वपूर्ण होती है। प्रयोगशाला और प्रशिक्षित तकनीकी कर्मचारियों की उपलब्धता से उत्पाद की गुणवत्ता पर निगरानी रखने में सहायता मिलती है। हालांकि, जांच के दौरान कितने प्रतिष्ठानों में प्रयोगशाला नहीं थी और कितने स्थानों पर योग्य केमिस्ट अनुपस्थित मिले, इसका अलग-अलग आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। विभाग ने इन कमियों को जांच में सामने आए नियम उल्लंघनों में शामिल किया है।