पाकिस्तान-मालदीव के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा... क्या हिंद महासागर में भारत की बढ़ेगी टेंशन?
पाकिस्तान: पाकिस्तान हिंद महासागर में पैर पसारने की कोशिश कर रहा है। उसने भारत के पड़ोसी देश मालदीव पर डोरे डालने की कोशिश की है। इस कोशिश के तहत पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने मालदीव की संसद के स्पीकर अब्दुल रहीम अब्दुल्ला से रावलपिंडी में जनरल हेडक्वार्टर में मुलाकात की है। मालदीव की संसद के स्पीकर की पाकिस्तान के सैन्य मुख्यालय जाकर सेना प्रमुख से मुलकात करने के कदम को भारत के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है। मालदीव में अभी मोहम्मद मुइज्जू के नेतृत्व वाली पीएमसी पार्टी की सत्ता है, जो भारत विरोध के लिए कुख्यात रही है।
इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस के अनुसार, मालदीव की पीपल्स मजलिस के स्पीकर अब्दुल रहीम
अब्दुल्ला ने जनरल हेडक्वार्टर का दौरा
किया, जहाँ उन्होंने पाकिस्तान के आर्मी चीफ और चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज, फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर से मुलाकात की। ISPR
ने बताया कि बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने आपसी हित के मामलों, क्षेत्रीय सुरक्षा और द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की।
पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग के अनुसार, फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने मालदीव के साथ भाईचारे वाले संबंधों को पाकिस्तान द्वारा दिए जाने वाले महत्व को दोहराया और आपसी हितों के आधार पर संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई। अब्दुल रहीम अब्दुल्ला ने क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने में पाकिस्तान की रचनात्मक भूमिका की सराहना की। ISPR ने कहा कि बैठक में दोनों पक्षों की द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने और आपसी हित के क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करने की इच्छा पर भी जोर दिया गया।
मालदीव भारत की सुरक्षा के लिए काफी महत्वपूर्ण देश है। यह देश भारत के बेहद नजदीक है। ऐसे में पाकिस्तान मालदीव में अपने पैर जमाकर भारत को अस्थिर करने की कोशिश कर सकता है। वर्तमान में मालदीव में चीन समर्थक सरकार है। ऐसे में पाकिस्तान को मालदीव में अपनी पैठ बनाने में ज्यादा मुश्किल भी नहीं होगी। अगर पाकिस्तान-मालदीव संबंध मजबूत होते हैं तो भारत के लिए हिंद महासागर में चिंता बढ़ सकती है।