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मुंबई: महाराष्ट्र में ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा सीखने की अनिवार्यता के बाद बड़ी संख्या में ड्राइवरों ने प्रशिक्षण पूरा कर लिया है। राज्य में करीब डेढ़ लाख से ज्यादा चालकों ने मराठी भाषा की परीक्षा पास कर ली है, जबकि 7,750 चालक परीक्षा में असफल हो गए हैं। अब इन चालकों को दोबारा परीक्षा देनी होगी। महाराष्ट्र सरकार ने ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए बुनियादी मराठी भाषा का ज्ञान जरूरी किया था। इसके तहत

क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों और साहित्यिक संगठनों के सहयोग से भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया गया। इस अभियान में बड़ी संख्या में चालकों ने हिस्सा लिया। आंकड़ों के अनुसार, इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए करीब 1.65 लाख से ज्यादा चालकों ने आवेदन किया था। इनमें से 1,40,423 चालक मराठी दक्षता परीक्षा पास कर चुके हैं। वहीं 7,750 चालक परीक्षा में सफल नहीं हो सके। अधिकारियों के मुताबिक, फेल हुए चालकों को अतिरिक्त प्रशिक्षण के बाद दोबारा परीक्षा देनी होगी। इसके अलावा करीब 17,427 चालक ऐसे हैं, जिनका प्रशिक्षण अभी पूरा नहीं हुआ है। इनमें सबसे ज्यादा संख्या मुंबई की है, जहां 9,196 चालकों का प्रशिक्षण लंबित है। इसके बाद ठाणे में 4,871, नवी मुंबई में 1,400, पालघर में 350 और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में 1,610 चालक प्रशिक्षण पूरा करने का इंतजार कर रहे हैं। सरकार का कहना है कि स्थानीय भाषा का ज्ञान होने से चालक यात्रियों से बेहतर संवाद कर सकेंगे और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा। अधिकारियों के अनुसार, मराठी भाषा सीखने का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं बल्कि राज्य में काम करने वाले चालकों को स्थानीय भाषा से जोड़ना है। मराठी भाषा नियम को लागू करने के लिए RTO की ओर से जांच अभियान भी चलाया जा रहा है। इसमें ऑटो, टैक्सी और ऐप आधारित कैब चालकों की भाषा समझने की क्षमता की जांच की जा रही है। नियमों का पालन नहीं करने वालों पर कार्रवाई का प्रावधान भी रखा गया है।

इस फैसले को लेकर महाराष्ट्र में बहस भी शुरू हो गई है। कुछ संगठनों का कहना है कि भाषा सीखने के लिए समय और सुविधाएं पर्याप्त मिलनी चाहिए, जबकि सरकार का तर्क है कि यात्रियों की सुविधा और स्थानीय भाषा के सम्मान के लिए यह कदम जरूरी है। फिलहाल परीक्षा में असफल हुए 7,750 चालकों के सामने अब दोबारा तैयारी कर मराठी भाषा परीक्षा पास करने की चुनौती है। वहीं, बाकी लंबित चालकों का प्रशिक्षण पूरा कराने पर भी परिवहन विभाग का ध्यान है।


 

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