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मुंबई: महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अबू आसिम आज़मी ने ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए दल-बदल की राजनीति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही केवल राजनीतिक दलों के प्रति ही नहीं, बल्कि उन मतदाताओं के प्रति भी होती है जिन्होंने उन पर भरोसा जताकर उन्हें चुना है। मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान अबू आसिम आज़मी ने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों का एक दल छोड़कर दूसरे दल में जाना लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि इस तरह की राजनीतिक गतिविधियों को रोकने के लिए कानून में बदलाव की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा, “जो लोग किसी पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतकर आते हैं और बाद में दूसरी विचारधारा या राजनीतिक दल में शामिल हो जाते हैं, उन्हें पहले अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। इसके बाद उन्हें दोबारा जनता के बीच जाकर चुनाव लड़ना चाहिए और नई विचारधारा के आधार पर जनादेश हासिल करना चाहिए।” आज़मी ने कहा कि इससे लोकतंत्र मजबूत होगा और मतदाताओं का विश्वास भी बना रहेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता के वोट का सम्मान होना चाहिए और किसी भी निर्वाचित प्रतिनिधि को जनादेश का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए। महाराष्ट्र की राजनीति में हाल के वर्षों में कई बड़े राजनीतिक घटनाक्रम और दल-बदल देखने को मिले हैं, जिसके चलते इस मुद्दे पर लगातार बहस होती रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दल-बदल विरोधी कानून और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही का विषय भविष्य में भी राजनीतिक चर्चा का केंद्र बना रह सकता है।

 


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