पुणे: क्राइम ब्रांच ने संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (मकोका) के तहत वांछित आरोपी सचिन घायवल को राजस्थान के सीकर जिले से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पिछले नौ महीनों से फरार चल रहा था और पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी को तकनीकी खुफिया जानकारी (टेक्निकल इंटेलिजेंस) के आधार पर ट्रैक किया गया और सुनियोजित अभियान के तहत उसे दबोचा गया।

क्राइम डीसीपी गौहर हसन ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि पुणे क्राइम ब्रांच को तकनीकी स्रोतों के माध्यम से जानकारी मिली थी कि घायवल गैंग का सदस्य सचिन घायवल राजस्थान के सीकर जिले में छिपा है। सूचना मिलने के बाद क्राइम ब्रांच की एक विशेष टीम को तत्काल राजस्थान रवाना किया गया। स्थानीय पुलिस के सहयोग से चलाए गए अभियान के दौरान आरोपी को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने बताया कि आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए लंबे समय से राजस्थान में छिपा हुआ था। गिरफ्तारी के समय उसके पास किसी प्रकार का हथियार बरामद नहीं हुआ। हालांकि, तलाशी के दौरान उसके कब्जे से कई मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड और डेबिट कार्ड बरामद किए गए हैं। पुलिस अब इन बरामद वस्तुओं की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी फरारी के दौरान किन गतिविधियों में शामिल था और उसके संपर्क किन लोगों से बने हुए थे।

उन्होंने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने में राजस्थान पुलिस का महत्वपूर्ण योगदान रहा। गौहर हसन ने बताया कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से राजस्थान के सीकर जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) से संपर्क किया था, जिन्होंने कार्रवाई में पूरा सहयोग दिया। स्थानीय पुलिस और पुणे क्राइम ब्रांच के संयुक्त प्रयासों से आरोपी की गिरफ्तारी संभव हो सकी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सचिन घायवल के खिलाफ मकोका समेत कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह लंबे समय से कानून से बचने की कोशिश कर रहा था। उसकी गिरफ्तारी को पुणे पुलिस के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है। जांच एजेंसियां अब उससे पूछताछ कर उसके नेटवर्क, सहयोगियों और फरारी के दौरान की गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाने में लगी हैं।


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