सरहद पार भागा दाऊद, पीछे रह गई डी-कंपनी की विरासत: रत्नागिरी से मुंबई तक क्या-क्या छोड़ गया अंडरवर्ल्ड डॉन?
मुंबई : साल 1993 के उस मनहूस शुक्रवार को दोपहर के वक्त मुंबई धमाकों की गूंज से समंदर का सीना दहल उठा था लेकिन उस वक्त तक गुनाहों का सौदागर दाऊद इब्राहिम सरहद पार कर सुरक्षित पनाहगाह तलाश चुका था. दाऊद इब्राहिम भारत से भागते वक्त अपनी रूह तो साथ ले गया लेकिन अपना वह अकूत काला साम्राज्य यहीं छोड़ गया, जिसे उसने दशकों तक जुल्म की दुनिया में रहकर बनाया था. दक्षिण मुंबई की गलियों में खड़ी वे आलीशान इमारतें, वे चमचमाती विदेशी गाड़ियां और वे बेनामी जायदादें जो कभी उसकी दहशत का प्रतीक थीं आज सरकारी नीलामी के हथौड़े के नीचे अपनी पहचान खो रही हैं. यह कहानी सिर्फ एक अपराधी के भागने की नहीं है बल्कि उसके पीछे छूटे उस मलबे की है जिसे आज भी कानून एक-एक कर ढहा रहा है. चलिए हम आपको भारत में दाऊद की संपत्तियों के बारे में बताते हैं.
फरार होने की टाइमलाइन और धमाकों का खौफ
दाऊद इब्राहिम 1993 के मुंबई धमाकों से पहले ही भारत से निकल चुका था. उसे भनक लग गई थी कि अब कानून का शिकंजा कसने वाला है.
· 1980 के दशक का अंत: दाऊद ने मुंबई छोड़ दी थी और दुबई को अपना नया ठिकाना बनाया. वहां से वह अपना काला साम्राज्य चला रहा था.
· 12 मार्च 1993: मुंबई में सिलसिलेवार 12 बम धमाके हुए. इस खौफनाक साजिश का मास्टरमाइंड दाऊद ही था.
· फरारी का सच: जब तक भारतीय जांच एजेंसियां धमाकों के तार जोड़तीं, दाऊद दुबई से भी निकलकर पाकिस्तान की पनाह में जा चुका था. वह अपने पीछे एक ऐसा साम्राज्य छोड़ गया जिसे आज भी सरकार जब्त कर रही है.
अकूत संपत्ति जो भारत में छूट गई
दाऊद जब भागा तो वो खुद को चला गया लेकिन उसकी जड़ें मुंबई की जमीन में गहरी धंसी थीं. दक्षिण मुंबई के नागपाड़ा, भिंडी बाजार और पाकमोडिया स्ट्रीट में उसकी अरबों की प्रॉपर्टी थी.
छोड़ी गई मुख्य संपत्तियां
1. होटल रौनक अफरोज: जिसे बाद में ‘दिल्ली दरबार’ के नाम से जाना गया.
2. डांबरवाला बिल्डिंग: पाकमोडिया स्ट्रीट स्थित यह इमारत दाऊद का मुख्य ठिकाना थी.
3. शबनम गेस्ट हाउस: भिंडी बाजार की यह प्रॉपर्टी दाऊद की बहन हसीना पारकर संभालती थी.
4. बेनामी फ्लैट्स और दुकानें: माटुंगा और नागपाड़ा इलाके में दर्जनों बेनामी संपत्तियां.