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पुणे : शहर के एक सीनियर सिटिज़न से डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 11.5 करोड़ रुपये ठगने वाले साइबर चोरों को साइबर क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार चोरों के नाम हर्षद सुभाष धनतोले (उम्र 23), समर्थ सुरेश देशमुख (उम्र 24, दोनों अभी कर्वेनगर में रहते हैं, असल में छत्रपति संभाजीनगर में रहते थे) हैं। आरोपी धनतोले और देशमुख ने सीनियर सिटिज़न के मोबाइल नंबर पर कॉन्टैक्ट किया था और खुद को सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन का ऑफिसर बताया था। बैंक अकाउंट का इस्तेमाल ब्लैक मनी के ट्रांज़ैक्शन में किया गया था और डर था कि सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन  इस मामले में डिजिटल अरेस्ट करेगी।

यह कहकर कि इस मामले में परिवार वालों को भी अरेस्ट किया जाएगा, आरोपियों ने सीनियर सिटिज़न और उनके परिवार वालों से चोरों के दिए बैंक अकाउंट में तुरंत पैसे जमा करने को कहा। इसके बाद सीनियर सिटिज़न ने चोरों के अकाउंट में 10 करोड़ 74 हज़ार रुपये जमा कर दिए। फ्रॉड का पता चलने पर उन्होंने शिवाजीनगर के साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। CCTV फुटेज चेक करने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। जिस बैंक अकाउंट में सीनियर सिटिज़न ने पैसे जमा किए थे, उसकी टेक्निकली जांच की गई, तो पता चला कि चोरों ने शहर के कुछ ATM से पैसे निकाले थे। पुलिस ने संबंधित ATM से CCTV फुटेज चेक की। साइबर पुलिस टीम ने जांच कर आरोपी धनतोले और देशमुख को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से 4 लाख 78 हजार रुपये कैश जब्त किया गया है। 40 लाख रुपये फ्रीज किए गए आरोपी के अकाउंट में 40 लाख रुपये फ्रीज कर दिए गए हैं। क्राइम ब्रांच के एडिशनल पुलिस कमिश्नर पंकज देशमुख, डिप्टी कमिश्नर विवेक मसल के गाइडेंस में साइबर पुलिस स्टेशन की सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर स्वप्नाली शिंदे, पुलिस इंस्पेक्टर संगीता देवकाटे, असिस्टेंट इंस्पेक्टर अर्चना कटके, सब-इंस्पेक्टर सुशील डामरे, अजीत बाधे की टीम ने यह कार्रवाई की।

 

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