घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न और बाल यौन शोषण की शिकायतें बढ़ीं
ठाणे। महिलाओं और बच्चों के खिलाफ बढ़ते अत्याचारों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से महाराष्ट्र सरकार द्वारा स्थापित महिला परामर्श केंद्र आज ठाणे जिले में सामाजिक न्याय की दिशा में अहम भूमिका निभा रहे हैं। ठाणे जिले में वर्तमान में तीन महिला परामर्श केंद्र सक्रिय हैं, जो कश्मीरा पुलिस स्टेशन, टिटवाला (कल्याण ग्रामीण) और कपूरबावड़ी पुलिस स्टेशन परिसर में कार्यरत हैं। इन केंद्रों पर दर्ज होने वाली कुल शिकायतों में से 90 प्रतिशत से अधिक शिकायतें महिलाओं द्वारा की जाती हैं।
इन शिकायतों में प्रमुख रूप से पति और ससुराल वालों द्वारा घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, वरिष्ठ नागरिकों को घर से निकालना, बाल यौन शोषण और मानसिक उत्पीड़न के मामले शामिल हैं। परामर्श केंद्रों का उद्देश्य केवल कानूनी प्रक्रिया को शुरू करना नहीं, बल्कि विवाद को संवाद और सामंजस्य के ज़रिए सुलझाना है, ताकि परिवार का ढांचा बना रहे। परिवार परामर्श केंद्र की शुरुआत 1985 में की गई थी और यह केंद्र महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ-साथ राज्य पुलिस विभाग के सहयोग से संचालित किए जा रहे हैं। जब कोई महिला शिकायत लेकर संबंधित थाने पहुंचती है, तो उसे सीधे परामर्श केंद्र भेजा जाता है। वहां प्रशिक्षित काउंसलर उसकी काउंसलिंग करते हैं और मामले की गंभीरता के अनुसार पति या ससुराल पक्ष को बुलाकर आपसी समझौते की कोशिश करते हैं। इन केंद्रों में घरेलू हिंसा के अब तक 216 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से अधिकांश मामलों का समाधान परामर्श प्रक्रिया से ही हो गया है। लेकिन जब विवाद आपसी सहमति से नहीं सुलझता, तो मामला पुनः पुलिस थाने को सौंपा जाता है।