भूमिगत मेट्रो ८० फीसदी काम हो चुका है पूरा
मुंबई, निर्माणाधीन भूमिगत मेट्रो का निर्माण कार्य तेज गति से आगे बढ़ रहा है। इस मेट्रो का ८० फीसदी काम पूरा हो चुका है और लगभग २० फीसदी बाकी रह गया है। कॉरिडोर के मार्ग पर स्टेशन निर्माण के साथ ही मार्च, २०२१ से ही ट्रैक बिछाने का काम भी शुरू कर दिया गया था। अब तक करीब ८ किमी से अधिक के मार्ग पर ट्रैक बिछाई जा चुकी है। भूमिगत मार्ग पर देश का सबसे हाईटेक ट्रैक का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो कंपन मुक्त होगा।
एलिवेटेड मेट्रो के साथ ही मुंबई में जमीन के नीचे भी मेट्रो निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। आलम यह है कि जमीन से २० मीटर नीचे बन रहे २६ मेट्रो स्टेशनों में से १६ मेट्रो स्टेशन ८० प्रतिशत से अधिक तक बनकर तैयार हो चुके हैं, वहीं ७ स्टेशन का सिविल वर्क ७० प्रतिशत से अधिक तक पूरा हो गया है।
मुंबई की पहली भूमिगत मेट्रो का निर्माण कार्य कोलाबा-बांद्रा-सिप्ज के बीच ३३.५ किमी में किया जा रहा है। एमएमआरसीएल के अनुसार, एमआईडीसी स्टेशन लगभग तैयार है और इसका ८५ फीसदी तक सिविल वर्क पूरा हो चुका है, जबकि सिप्ज स्टेशन ८३ प्रतिशत तथा विधानभवन स्टेशन ८४ फीसदी तक बनकर तैयार हो चुका है। मरोल नाका स्टेशन ८२ प्रतिशत, सिद्धिविनायक स्टेशन ८० प्रतिशत, कफ परेड स्टेशन ८२ फीसदी, चर्चगेट और हुतात्मा चौक स्टेशन ८१ प्रतिशत तक बनकर तैयार हो गए हैं। मुंबई सेंट्रल, महालक्ष्मी, वर्ली, सहार रोड और डोमेस्टिक एयरपोर्ट स्टेशन का करीब ८० फीसदी सिविल वर्क पूरा हो चुका है। सीएसएमटी, दादर, साइंस म्यूजियम, शीतलादेवी, धारावी, बीकेसी तथा विद्यानगरी स्टेशन ७० से ७५ प्रतिशत तक बनकर तैयार हो गए हैं। देरी से शुरू हुए गिरगांव स्टेशन का निर्माण कार्य सबसे कम २९ प्रतिशत पूरा हुआ है।
राज्य और केंद्र सरकार के विवाद के चलते भले ही मेट्रो कारशेड निर्माण का कार्य आरंभ नहीं हो पा रहा है, किंतु इस विवाद का असर मेट्रो मार्ग के निर्माण कार्य पर नहीं पड़ा है। टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) व अन्य उपकरण की मदद से करीबन पूरा मार्ग तैयार कर लिया गया है। एमएमआरसीएल के अनुसार, आगामी कुछ दिनों में टनलिंग का शत-प्रतिशत काम पूरा कर लिया जाएगा। अब तक ९७ प्रतिशत तक टनलिंग और पूरे प्रॉजेक्ट का करीब ७० प्रतिशत सिविल वर्क पूरा हो चुका है।