ट्रैफिक जाम की समस्या होगी खत्म, टेंडर हुआ जारी
मुंबई, एमएमआर रीजन में ३५० किमी से अधिक मेट्रो कॉरिडोर का जाल बिछाया जा रहा है। जगह-जगह मेट्रो कॉरिडोर का काम काफी तेजी से चल रहा है। मुंबई को ‘मेट्रो’ सिटी बनाने के लिए मुंबई के विभिन्न हिस्सों में मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण कार्य जारी है। जगह- जगह बैरिकेड लगाने से मुंबईकरों को ट्रैफिक जाम की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। मुंबईकरों की समस्या को काफी हद तक कम करने के लिए मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) मेट्रो साइट पर ट्रैफिक वार्डन नियुक्त करेगी।
ट्रैफिक वार्डन को मेट्रो साइट के करीब तैनात किया जाएगा। प्राधिकरण ने इस काम के लिए करीब ७ करोड़ रुपए खर्च करने की योजना बनाई है। ट्रैफिक वार्डन की नियुक्ति एजेंसी द्वारा की जाएगी। एजेंसी का चयन करने के लिए एमएमआरडीए द्वारा टेंडर जारी किया गया है।
एमएमआरडीए के एक अधिकारी के अनुसार वार्डन का मुख्य काम ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की मदद करना होगा ताकि मेट्रो साइट के करीब लगनेवाले ट्रैफिक जाम को कम किया जा सके। मेट्रो साइट पर लगे बैरिकेड का भी ध्यान रखना इनका काम होगा। किसी बैरिकेड का लॉक खुलने या सड़क की तरफ बैरिकेड के झुकने पर वार्डन ठेकेदार से संपर्क कर बैरिकेड्स को ठीक करेंगे।
बता दें कि मेट्रो साइट पर लगे बैरिकेड्स के गिरने की वजह से दुर्घटना के कुछ मामले भी सामने आ चुके हैं। इसके बाद एमएमआरडीए ने बैरिकेड की देख-रेख का जिम्मा ठेकेदार के साथ ही वार्डन को भी देने का निर्णय लिया है।
मुंबई में चल रहे मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण के कारण कुछ मेट्रो साइट्स के आस-पास काफी ट्रैफिक की शिकायतें एमएमआरडीए को मिलती रहती हैं। मुंबईकरों की इन्हीं परेशानियों को दूर करने के लिए प्रशासन ट्रैफिक वार्डन तैनात करने की तैयारी में लगा है। मेट्रो साइट पर खासकर एलबीएस मार्ग, जोगेश्वरी-विक्रोली लिंक रोड, वेस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे, भिवंडी में ट्रैफिक जाम होते हैं।
मुंबई मेट्रो ७, मेट्रो ४, मेट्रो २ ए, मेट्रो ६ और मेट्रो ५ व अन्य प्रोजेक्ट का काम चल रहा है। मेट्रो की वजह से लगे बैरिकेड के कारण कई मुख्य सड़कें बेहद संकरी हो गई हैं।