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मुंबई, पिछले कई वर्षों से मुंबई में हाइराइज इमारतों की संख्या एवं घनी बस्तियों का आकार भी बढ़ा है। यहां आग की घटनाओं से निपटने के लिए मनपा के अग्निशमन विभाग ने खुद को भी समय के साथ अपडेट किया है। आग पर काबू पाने के लिए तमाम संसाधन जुटा रखा है। करी रोड में वन अविघ्ना पार्क इमारत में लगी आग की घटना के चलते मनपा का अग्निशमन विभाग एक बार फिर चर्चा में है। इस बारे में संवाददाता रामदिनेश यादव ने मनपा के आयुक्त इकबाल सिंह चहल से बातचीत की। चहल ने मुंबई में फायर सिस्टम में कुछ खास नीतियों को लेकर चर्चा की।
देखिए, जब कॉल आती है तभी पता चलता है कि आग लगी है। सूचना मिलते ही फायर विभाग के कर्मचारी तुरंत निकल पड़ते हैं। फायर विभाग को जितनी जल्दी सूचना मिलेगी उतनी जल्दी वे घटनास्थल पर पहुंच सकेंगे। लेकिन हम सामने से सूचना का इंतजार नहीं करेंगे। रिस्पॉन्स टाइम कम करने के हम नए ऑटोमैटिक फायर सिस्टम को लाने की तैयारी कर रहे हैं। इससे घटनास्थल पर फायर कर्मचारियों को पहुंचने में वक्त कम लगेगा। यह सिस्टम देश में पहली बार इस्तेमाल होगा।
कई विकसित देशों में यह सिस्टम लगा है। यह आधुनिक फायर सिस्टम है। प्रत्येक इमारत एवं सोसायटी में वह डिवाइस लगा होता है, जो सीधे कंट्रोल रूम से जुड़ा होता है। इसके अलावा आस-पास के फायर केंद्र भी इससे कनेक्ट होते हैं। आग की घटना होते ही कंट्रोल रूम में तुरंत अलार्म बजेगा, लोकेशन आदि पता चल जाएगा और फायर विभाग के अधिकारी व कर्मचारी वहां पहुंच जाएंगे।
इसके लिए प्रस्ताव लगभग बन चुका है। अधिकारियों द्वारा इस ओर कागजी कार्रवाई पूरी की जा रही है। इस प्रोजेक्ट के तहत लगभग २५० करोड़ रुपए खर्च होंगे। ऑटोमैटिक फायर सिस्टम की मुंबई को सख्त जरूरत है। मुंबईकरों की सुरक्षा के लिए यह अपडेट सिस्टम कारगर साबित होगा।


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