Latest News

मुंबई, जिस बांग्लादेशी दलाल को इंदौर पुलिस ने सूरत से गिरफ्तार किया है, उसने पुलिस के सामने सनसनीखेज खुलासा किया है। खुलासा यह कि जिन बांग्लादेशी लड़कियों को वो वेश्या व्यवसाय के धंधे में धकेलने के लिए लाता था उसकी ट्रेनिंग मुंबई के पॉश इलाकों में लाकर दी जाती थी। ११ महीने पहले इंदौर के लसूड़िया और विजय नगर इलाकों में ऑपरेशन चलाकर १५ लड़कियों को पकड़ा गया था, इस मामले में सागर उर्फ सैंडो, आफरीन आमरीन व अन्य लोग आरोपी बनाए गए थे, उस वक्त मुनीर भाग निकला था। गिरफ्तार दलाल बांग्लादेश के जसोर का है। ज्यादातर लड़कियों से उसने शादी की और फिर हिंदुस्थान में लाकर बेचा। उसके पीछे बड़ा नेटवर्क है। मुनीर ने पुलिस को बताया कि सेक्स रैकेट से जुड़ा गिरोह लड़कियों की मुंबई में ट्रेनिंग कराता है। इसके बाद डिमांड पर लड़कियों को देश के दूसरे शहरों में सप्लाई किया जाता है। लड़कियों को बांग्लादेश और हिंदुस्थान के पोरस बॉर्डर पर नाले के रास्ते लाया जाता है। बॉर्डर के पास के छोटे गांव में एजेंट्स लड़कियों को मुर्शिदाबाद और आसपास के ग्रामीण इलाकों में लाकर ही देश में एंट्री करवाते हैं।
सूत्रों के मुताबिक़ बांग्लादेश के एजेंट गरीब परिवार की लड़कियों को काम दिलाने के बहाने चोरी-छिपे बॉर्डर पार करवाकर कोलकाता तक लाते थे। यहां इन्हें एक हफ्ते से ज्यादा रखा जाता था। बॉडी लैंग्वेज और बेहतर रहन-सहन की ट्रेनिंग दी जाती थी। ट्रेंड होने पर लड़कियों को मुंबई भेजा जाता था। यहां फिर ट्रेनिंग दी जाती थी। इनके कुछ फोटो ले लिए जाते थे। इन फोटो को मुंबई का एजेंट मेट्रो सिटी में मौजूद अन्य एजेंट्स को भेजता था। इसके बाद शहरों से आई डिमांड के अनुसार लड़कियों को उन शहरों तक भेजा जाता था।
लड़कियों को मुंबई से रवाना करने के पहले उनके दस्तावेज रखवा लिए जाते थे। लड़कियां बांग्लादेश की ही हैं, इसकी पहचान एजेंट आंखों के जरिए करते थे। ये सूरत के स्पा सेंटर्स के अलावा इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, पुणे, मुंबई, बंगलुरु में भी लड़कियों को भेजते थे।

Weather Forecast

Advertisement

Live Cricket Score

Stock Market | Sensex

Advertisement