गड्ढों को लेकर एक बार फिर सियासत गर्म, चंद्रकांत पाटिल का सरकार पर हमला
मुंबई : मुंबई और ठाणे में सड़कों पर गड्ढों को लेकर सियासत गरमा
गई है। मुंबई में भाजयुमो आंदोलन में शामिल कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज पर
नाराजगी जताते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा है कि
सरकारकी तमाम कोशिशों के बावजूद लोगों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। आने
वाले चुनाव में जनता सत्ता के नशे में चूर लोगों को सबक जरूर सिखाएगी।
भाजपा का आरोप है कि भाजयुमो मुंबई अध्यक्ष तेजिंदर सिंह तिवाना सहित कई
भाजपा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गड्ढों के मुद्दे पर पीटा । भाजपा अध्यक्ष
चंद्रकांत पाटिल ने कहा है कि मुंबई और ठाणे नगर प्रशासन भले ही गड्ढों की
गिनती कर रहा हो, लेकिन सच्चाई यह है कि सड़कें छलनी हो गई हैं, जिससे
लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि ठाणे
नगर निगम ने ठेकेदार के खिलाफ कार्यवाई करते हुए चार इंजीनियरों को
निलंबित कर दिया है, उन्होंने कहा डमरीकरण के महज 12 घंटे में गड्ढे फिर
बन गए। चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि नगर निगम और ठेकेदार के इस गठबंधन के
चलते शिवसेना ने चोर को पीछे छोड़कर साधु को फांसी देने की प्रथा शुरू कर
दी है।
चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि पिछले 24 वर्षों में मुंबई नगर निगम
ने सड़कों और गड्ढों की मरम्मत पर 21,000 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, फिर भी
हर साल लोगों को गड्ढों के कारण मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
पाटिल ने कहा कि मुंबई नगर निगम अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से
42,000 गड्ढों को भरने का दावा कर रहा है, लेकिन हकीकत में इन गड्ढों को
नहीं भरा गया है। यदि भरा गया है तो उसमें घटिया सामग्री का प्रयोग किया
गया है। हिंदमाता पुल पर गड्ढे एक दिन में ही जैसे के तैसे हो गए। इससे सब
गोलमाल स्पष्ट होता है।