ऋण गारंटी योजना के तहत स्वीकृत ६० हजार करोड़ रुपए को अधिसूचित करने का अनुरोध
मुंबई, देश में होटल और रेस्टोरेंट संचालकों के शीर्ष संगठन फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एफएचआरएआई) ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को कुछ दिनों पहले एक अभ्यावेदन प्रस्तुत कर कोविड प्रभावित क्षेत्रों के लिए ऋण गारंटी योजना के तहत स्वीकृत ६०,०००/- करोड़ रुपए को अधिसूचित करने के लिए उनसे हस्तक्षेप का अनुरोध किया था। लेकिन वित्त मंत्रालय द्वारा २८ जून २०२१ को आयोजित एक पत्रकार परिषद में की गई इस घोषणा के तीन महीने बीत जाने के बावजूद अभी तक इससे संबंधित अधिसूचना जारी नहीं हो पाई है, जिससे होटल जगत में केंद्र सरकार के खिलाफ रोष व्याप्त है।
एसोसिएशन ने कहा है कि मंत्रालय द्वारा अब तक न तो इससे संबंधी कोई दिशानिर्देश आए हैं और न ही योजना के किसी अन्य विवरण की घोषणा की गई है, जबकि स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक साथ शुरू की गई ऋण गारंटी योजना को अधिसूचित भी किया गया है और एनसीजीटीसी द्वारा आवश्यक दिशानिर्देश भी जारी किए जा चुके हैं।
एफएचआरएआई के उपाध्यक्ष ग़ुरबक्षीश सिंह कोहली ने कहा, ‘आतिथ्य क्षेत्र महामारी से सबसे बुरी तरह प्रभावित क्षेत्रों में से एक है। आतिथ्य उद्योग ने पिछले सत्रह महीनों में कोविड -१९ के कारण बहुत से प्रतिबंध और लॉकडाउन प्रोटोकॉल का सामना किया है जिसके कारण उद्योग को अधिकतम नुकसान उठाना पड़ा है।
आतिथ्य उद्योग को इस नुकसान से उबरने में कई साल लगेंगे। इसलिए हम माननीय वित्त मंत्री से अनुरोध करते हैं कि कृपया १०० प्रतिशत सरकारी गारंटी और दीर्घकालिक पुनः भुगतान के साथ ६०,००० करोड़ रुपए की ऋण गारंटी योजना को तत्काल अधिसूचित करें ताकि पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र को हुए भारी नुकसान को दूर किया जा सके। ’