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मुंबई : शिवसेना की विधायक यामिनी जाधव का पद खतरे में पड़ गया है। चुनावी शपथ पत्र में गलत जानकारी देने को लेकर आयकर विभाग  ने  उन्हें अयोग्य घोषित करने की मांग चुनाव आयोगसे की है। यामिनी जाधव नगरसेविका रही हैं और उनके पति यशवंत जाधव वर्तमान में बीएमसी की स्थायी समिति के अध्यक्ष हैं। यामिनी जाधव वर्ष 2019 में भायखला विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र से  शिवसेना के टिकट पर निर्वाचित हुई थीं। आयकर विभाग का दावा है कि यामिनी ने चुनावी शपथपत्र में गलत जानकारी दी है। 

आयकर विभाग के मुताबिक, यामिनी जाधव ने चुनावी शपथपत्र में एक कंपनी से एक करोड़ रुपए का कर्ज लेने की बात कही थी। आयकर विभाग ने जांच में पाया है कि कोलकाता की फर्जी कंपनी प्रधान डीलर्स से यह देनदेन किया गया था। जिसको कोलकाता में एंट्री ऑपरेटर उदय महावर चला रहा था। महावर का नाम नेशनल हेराल्ड मामले में भी आ चुका है।  महावर का कहना है कि उन्होंने कंपनी बनाई थी जिसमें पैसा जुटाने के बाद जाधव परिवार को बेच दिया था। आयकर विभाग का कहना है कि यामिनी ने एक करोड़ रुपए कर्ज लेने की बात कही है, लेकिन ये उनका अपना पैसा था। आयकर विभाग की तरफ से चुनाव आयोग से की गयी मांग के बाद यामिनी जाधव ने पत्रकारों से दूरी बना ली है। उनके पति यशवंत जाधव से इस संदर्भ में जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।

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