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मुंबई : मुंबई वासियों के लिए यह खबर डराने वाली है। सैटेलाइट से जरिये ली गयी समुद्र की तस्वीरों से यह पता चला है कि समंदर का जलस्तर लगातार तेजी से बढ़ रहा है। अब तक तकरीबन 107 वर्ग किलोमीटर की जमीन को भी समंदर ने खुद में समा लिया है।

विशेषज्ञों की माने तो यह सब कुछ इंसानों द्वारा प्रकृति के साथ की जा रही छेड़छाड़ का नतीजा है। हालात अगर ऐसे ही रहे तो मुंबई के कई हिस्से बहुत जल्द जलमग्न हो जायेंगे।

समुद्र के बढ़ते जलस्तर को देखते एक रिपोर्ट तैयार की गयी है जिसके मुताबिक पर्यावरण असंतुलन के कारण समुद्र का वाटर लेवल बढ़ रहा है। अध्ययन के मुताबिक पर्यावरण से छेड़छाड़ का असर समुद्र, नदियों और प्राकृतिक संसाधनों पर पड़ रहा है।

सबसे ज्यादा खतराउन रिहाइशी कॉलोनियों को है जो मुंबई के समुद्री किनारे पर बसी हुई हैं। भविष्य में इनके मुंबई के नक़्शे से गायब हो जाने का खतरा मंडरा रहा है। खासतौर पर बारिश के दिनों में यह संकट और बढ़ सकता है। गुजरे 30 सालों में समुद्र के जलस्तर में चिंताजनक बढ़ोतरी हुई है। कोंकण इलाके में भी समुद्र का जलस्तर बढ़ा हुआ पाया गया है।

मुंबई बेस्ड एनजीओ सृष्टि कंजर्वेशन फाउंडेशन ने यह पूरा रिसर्च किया है। एनजीओ के डायरेक्टर दीपक आप्टे ने बताया कि समुद्री किनारे पर अतिक्रमण और बदलाव की वजह से समंदर अपना दायरा बढ़ाता जा रहा है। यह परिवर्तन संजय गाँधी नेशनल पार्क की जमीन पर ज्यादा देखा जा रहा है।

मुंबई और ठाणे खाड़ी की जमीन पर भी लगभग 45 स्क्वायर किलोमीटर नदी-नाले का क्षेत्र खारीय अथवा दलदल के रूप में परिवर्तित हो गया है। वहीं ठाणे खाड़ी में 24 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र भी दलदल वाला हो गया है।

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