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मुंबई : अधिकृत फेरीवालों के लाइसेंस की खरीदी व बिक्री पर रोक से बीएमसी को हर साल लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। फेरीवाले अपने लाइसेंस एक-दूसरे को बेच व खरीद सकें, इसपर जल्द से जल्द एक नीति बनाई जाए। यह बात मेयर किशोरी पेडणेकर ने फेरीवालों के मुद्दे पर आयोजित बैठक में कही। मेयर पेडणेकर ने कहा कि फेरीवालों के लाइसेंस की पहले बिक्री व खरीदी की जाती थी, जिससे बीएमसी को राजस्व प्राप्त होता था। वर्ष 2012 से इसे बंद कर दिया गया है। इससे बीएमसी को राजस्व का नुकसान हो रहा है। इसलिए जल्द ही एक ऐसी नीति बनाई जाएगी, जिससे फेरीवाले अपने लाइसेंस को बेच व खरीद सकेंगे। उन्होंने कहा कि इसके लिए क्या शुल्क लगाया जाए, यह निश्चित होना चाहिए। महापौर ने सोमवार को अपने सरकारी आवास पर हुई बैठक में अधिकारियों को फेरीवालों के लाइसेंस की खरीदी व बिक्री की प्रक्रिया जल्द शुरू करने का निर्देश दिया। मेयर ने कहा कि सूचना यहां तक मिली है कि फेरीवाले अपना लाइसेंस भाड़े पर भी दे रहे हैं। इससे बीएमसी के राजस्व पर असर पड़ रहा है। इसलिए अधिकृत फेरीवालों को लाइसेंस की खरीदी व बिक्री की अनुमति मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिसके पास मुंबई में पंद्रह वर्ष रहने का डोमिसाइल सर्टिफिकेट है, वह इस प्रक्रिया में भाग ले सकता है। इसकी नीति निर्धारित करते समय स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए। बता दें कि मुंबई में फेरीवालों की समस्या का अभी तक बीएमसी हल नहीं निकाल पाई है। मुंबई में फेरीवाला जोन कहां हो, इस पर भी विवाद है।


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