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लखनऊ/पटना/रांची : कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए लोगों के मूवमेंट को रोकना बेहद जरूरी है। करीब दो महीने पहले जब देशव्‍यापी लॉकडाउन की घोषणा हुई थी, तो उसका मकसद यही था। मगर इससे एक नया संकट खड़ा हो गया। दूसरे राज्‍यों में जाकर काम करने वाले लोग वहीं फंस गए। इनमें बड़ी आबादी ऐसी थी जो डेली मजदूरी कर अपना पेट पालती थी। यातायात के साधन बंद हुए तो बहुत से प्रवासी मजदूर पैदल ही घर की ओर चल दिए। बाद में उनके लिए ट्रेनें और बसें चलाई गईं। ये मजदूर अपने घर तो पहुंच गए मगर क्‍या कोरोना भी साथ लाए हैं? 

केंद्र सरकार समेत कई विशेषज्ञ यह अंदाजा लगा रहे थे कि इस पलायन की वजह से कोरोना वायरस के मामलों की संख्‍या बढ़ेगी। 1 मई से मजदूरों के लिए 'श्रमिक स्‍पेशल' ट्रेनें शुरू की गई हैं। इसके बाद से, ग्रामीण इलाकों में कोरोना के केसेज की नई लहर देखने को मिली है। कई ऐसे इलाके जहां कोरोना के मामले नहीं थे, अचानक से कोविड-19 मैप पर आ गए हैं। उत्‍तर प्रदेश हो या चाहे बिहार, जिन जिलों में लोग बाहर से लौटे हैं, कोरोना का आंकड़ा बढ़ा रहे हैं। ये वो जिले हैं जहां अबतक कोरोना के मरीजों की संख्‍या 50 या उससे भी कम थी। मगर प्रवासी श्रमिकों के लौटने से मरीजों की तादाद दोगुने से भी ज्‍यादा हो गई है। 

यूपी का बाराबंकी जिला कुछ दिनों पहले तक ग्रीन जोन में था। वहां प्रवासी श्रमिकों के आने के बाद कोरोना बम फूटा है। बुधवार को यहां एक साथ 95 मरीज सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि इनमें से 49 मामले प्रवासी श्रमिकों से जुड़े हैं। डीएम आदर्श सिंह के निर्देश पर 15-16 मई को बाराबंकी में 245 लोगों के सैंपल लिए गए थे, जिनमें 95 की रिपोर्ट पाजिटिव आई है। इनमें से 46 लोग पहले से संक्रमित 6 लोगों के संपर्क में आए थे। बाकी 49 लोग अन्य प्रदेशों व जिलों से आए हैं। डीएम के मुताबिक, जिले में ऐक्टिव केस की संख्या 121 हो गई है।

खगड़िया में बुधवार को 15 नए कोरोना वायरस पॉजिटिव मरीज मिले। सारे के सारे प्रवासी हैं जो पहले पॉजिटिव मिले मरीज के संपर्क में थे। जिले में कोरोना पॉजिटिव संख्या बढ़कर 70 हो गई है। इसमें से एक कोरोना पॉजिटिव की मौत हो चुकी है। वो मुंबई से लौटकर आया था। खगड़िया में अबतक टोटल 70 मामले सामने आए हैं जिनमें से 41 प्रवासी मजदूर हैं। जिले में 8 मरीज ठीक हो चुके हैं।

झारखंड के गढ़वा में एक साथ 18 कोरोना संक्रमितों की पहचान हुई है। इस जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्‍या 47 पर पहुंच गई है। प्रवासी श्रमिकों की वापसी के बाद बुधवार को सबसे अधिक 18 नये मरीजों का पता चला। इससे पहले तक इस जिले में कोरोना संक्रमित 28 मरीज मिल चुके थे। सदर प्रखंड के कोरवाडीह के 15, विशुनपुरा प्रखंड के पीपरी के दो तथा मझिआंव प्रखंड के टड़हे का एक व्यक्ति शामिल है। सभी संक्रमित लोग प्रवासी मजदूर है, जो महाराष्ट्र व दिल्ली से लौटे हैं। जिले में कोरोना के ऐक्टिव मामलों की संख्या 44 पहुंच गई है। यहां के तीन मरीज ठीक हो चुके हैं।

मजदूरों की घर वापसी के चलते कोरोना इन्‍फेक्‍शन के मामले बढ़े हैं। यूपी के स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारियों ने बुधवार को कहा कि पिछले दो हफ्तों से राज्‍य में कोरोना के जो मामले आए हैं, उनमें से 70 प्रतिशत प्रवासियों से जुड़े हैं। बिहार की बात करें तो वहां 10 मई तक 707 मामले थे। राज्‍य में बुधवार तक कोरोना मरीजों की संख्‍या 1,600 को पार कर गई है। इनमें से अधिकतर प्रवासी मजदूर हैं। झाखंड में बुधवार को कोविड-19 के कुल 33 मामले सामने आए और सारे के सारे प्रवासी मजदूर हैं।


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