Latest News

मुंबई : पुणे के कोंढवा में सुरक्षा दीवार गिरने की घटना की जांच करने के लिए छह लोगों की समिति बनाई गई है। इस बात की जानकारी पुणे के पालकमंत्री चंद्रकांत पाटिल ने सोमवार को  विधानसभा में दी। इस जांच समिति में अतिरिक्त जिलाधिकारी, श्रम आयुक्त कार्यालय के प्रतिनिधि, पुलिस आयुक्त के प्रतिनिधि, पुणे मनपा अधिकारी, सहायक संचालक नगर  रचना और सार्वजनिक लोक निर्माण विभाग के प्रतिनिधि शामिल हैं। पुणे के कोंढवा दुर्घटना प्रकरण को लेकर विधानसभा में उपस्थित चर्चा के उत्तर में पाटिल ने यह जानकारी दी। कोंढवा में सुरक्षा दीवार गिरने से 15 मजदूरों की मौत हो गई थी। पाटिल ने कहा कि इस प्रकरण में 11 लोगों के खिलाफ गैरइरातन हत्या का केस दाखिल किया गया है और दो  लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बिना अनुमति निर्माण करने के प्रकरण में पुणे मनपा की तरफ से बिल्डर को काम रोकने का नोटिस दिया गया है। साथ ही योजना के स्ट्रक्चरल  डिजाइनर, इंजीनियर और आर्किटेक्ट का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है और उन्हें काली सूची में डाला गया है। सुरक्षा दीवार ढहने के मामले की जांच करने के लिए छह लोगों की  समिति की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने कहा कि हादसे में मारे गए सभी मजदूर बिहार के कटिहार जिले के हैं। मृत मजदूरों के शव उनके गांव भेजे  गए हैं। मृतकों के रिश्तेदारों को एनडीआरएफ की तरफ से 4 लाख तथा निर्माण दुर्घटना बीमा की 5 लाख रुपए की रकम की मदद घोषित की गई है। मुख्यमंत्री सहायता निधि से  मदद देने के पर सरकार जल्द ही निर्णय लेगी।

अजित पवार चर्चा में भाग लेते हुए राकांपा विधिमंडल दल के नेता अजित पवार ने कहा कि सुरक्षा दीवार गिरने की घटना में दोषियों के खिलाफ गैरइरातन हत्या का गुनाह दाखिल  करना चाहिए और ऐसी कठोर कार्रवाई की जाए कि बिल्डरों की फिर से गलत काम करने की हिम्मत न हो सके। उन्होंने कहा कि दुर्घटना होने के बाद दो-चार दिन चर्चा होती है,  उसके बाद इसे भूला दिया जाता है। बिल्डर दो-तीन माह के लिए लापता हो जाते हैं और आगे कुछ नहीं होता। इस पर उन्होंने सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया। अजित पवार ने  कहा कि निर्माण करते हुए बिल्डर मनपा के निर्माण कार्य नियमावली पर ध्यान नहीं देते। कोंढवा परिसर में हजारों निर्माणकार्य शुरु हैं, वहां सुरक्षा के किसी भी नियम का पालन  नहीं होता। बिल्डर मजदूरों का पंजीकरण नहीं कराते, जिससे उन्हें मदद मिलने में दिक्कत होती है। बिल्डर करोड़ों रुपए कमाते हैं, लेकिन कमजोर सुरक्षा दीवार बनाते हैं। उन्होंने  मांग की कि इस प्रकरण में जो कोई भी बिल्डर है, उस पर कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।


Weather Forecast

Advertisement

Live Cricket Score

Stock Market | Sensex

Advertisement