चेन्नै सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस में फाइनल आज
हैदराबाद : देश में लोकसभा चुनाव और आईपीएल की गहमागहमी एक साथ शुरू हुई थी। देशवासियों को हालांकि लोकसभा चुनाव के परिणाम के लिए अभी इंतजार करना होगा लेकिन आईपीएल के 12वें सीजन का बादशाह कौन बनेगा, इसका फैसला आज हो जाएगा। उम्मीद के अनुरूप चेन्नै सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस की टीम फाइनल में पहुंच चुकी है। चेन्नै ने 8वीं बार तो मुंबई ने चौथी बार फाइनल में जगह बनाई है। दोनों ने इस दौरान तीन-तीन बार जीत हासिल की। अब देखना यह होगा कि चौथी बार खिताब पर कब्जा किसका होता है। इस बार के प्रदर्शन को अगर आधार बनाएं, तो कुछ भी भविष्यवाणी करना गलत साबित हो सकता है। हालांकि अगर इस सीजन दोनों टीमों की आपसी भिड़ंत को देखें तो फिर मुंबई बाजी मारती दिख रही है। दोनों के बीच हुई तीन भिड़ंत में हर बार बाजी मुंबई ने ही मारी है।
टी20 क्रिकेट में ऑलराउंडर की भूमिका काफी अहम होती है। इस मामले में मुंबई का पलड़ा भारी लग रहा है। उसके पास पंड्या ब्रदर्स हार्दिक (रन 386, विकेट 14) और क्रुणाल (रन 176, विकेट 11) के साथ विस्फोटक कायरन पोलार्ड (238 रन, विकेट 0) हैं जो किसी भी स्थिति से मैच निकालने का माद्दा रखते हैं। खासकर पंड्या ब्रदर्स ने अपने ऑलराउंड प्रदर्शन से विपक्षियों को खूब परेशान किया। पोलार्ड को हालांकि इस बार गेंदबाजी का ज्यादा मौका नहीं मिला है। दूसरी तरफ चेन्नै के लिए रविंद्र जाडेजा (रन 101, विकेट 15) ही इस मामले में प्रभावित कर सके हैं। ड्वेन ब्रावो (रन 65, विकेट 11) को बैट से ज्यादा कुछ करने का मौका नहीं मिला। मुंबई की मजबूती अगर उसके तेज गेंदबाज हैं तो चेन्नै के पास इमरान ताहिर (16 मैच, 24 विकेट), हरभजन सिंह (10 मैच, 16 विकेट) और रविंद्र जाडेजा (15 मैच, 15 विकेट) जैसे फिरकीबाज हैं जो मुंबई के बल्लेबाजों को अपनी अंगुली पर बखूबी नचा सकते हैं। इन तीनों ने ना केवल विकेट निकालकर दिए हैं बल्कि लीग में काफी किफायती भी साबित हुए हैं। हालांकि चेन्नै के बल्लेबाजों के लिए भी जसप्रीत बुमरा (15 मैच, 17 विकेट) और लसिथ मलिंगा (11 मैच, 15 विकेट) के यॉर्कर से निपटना आसान नहीं होगा। स्पिन विभाग में मुंबई की नजरें युवा स्पिनर राहुल चाहर (12 मैच, 12 विकेट) पर होंगी।
वॉटसन से रहना सतर्क
दोनों टीमों के अगर ओपनर्स की तुलना करें तो यहां भी मुंबई का दावा मजबूत लग रहा है। उसके ओपनर्स क्विंटन डिकॉक (15 मैच, 500) और रोहित शर्मा (14 मैच, 390 रन) ने ठीक-ठाक शुरुआत दिलाई है। रोहित का हालांकि वह अंदाज अब तक देखने को नहीं मिला है जिसके लिए वो जाने जाते हैं। दूसरी तरफ चेन्नै के पास शेन वॉटसन (16 मैच, 318 रन) और फाफ डु प्लेसिस (11 मैच, 370 रन) के रूप में बेहतरीन ओपनिंग जोड़ी है। खासकर वॉटसन बड़े मैच के खिलाड़ी हैं। दिल्ली के खिलाफ एलिमिनेटर मैच में अर्धशतकीय पारी खेलकर उन्होंने मुंबई को सतर्क रहने की चेतावनी भी दे दी है।