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मुंबई: प्रवर्तन निदेशालय ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई कथित ड्रग तस्कर सलीम इस्माइल डोला और उसके सहयोगियों से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत की गई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रवीण उर्फ नागेश रामचंद्र शिंदे और बृजेश कांजीभाई मोराडिया के रूप में हुई है। दोनों को धन शोधन निवारण अधिनियम ( पीएमएलए), 2002 की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया है। सलीम डोला को हाल ही में तुर्की से भारत वापस लाया गया था। उसके कथित ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े आर्थिक लेनदेन की जांच के दौरान ईडी ने यह कार्रवाई की है।प्रवर्तन निदेशालय के मुंबई जोनल कार्यालय ने सलीम डोला और अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज कई एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी। ये एफआईआर मुंबई में विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा नशीली दवाओं और मन:प्रभावी पदार्थों की अवैध तस्करी से जुड़े कथित अपराधों के संबंध में दर्ज की गई थीं। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर ईडी ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

सलीम डोला के कथित ड्रग्स नेटवर्क की जांच तेज प्रवर्तन निदेशालय की जांच का केंद्र सलीम इस्माइल डोला और उसके सहयोगियों से जुड़ा कथित ड्रग्स तस्करी नेटवर्क है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क के माध्यम से होने वाली कथित अवैध गतिविधियों से प्राप्त धन का किस तरह इस्तेमाल किया गया।सलीम डोला को हाल ही में तुर्की से भारत वापस लाया गया था। उसके खिलाफ नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े आरोपों के आधार पर विभिन्न एजेंसियां जांच कर रही हैं।ईडी की कार्रवाई इस मामले के आर्थिक पहलुओं से संबंधित है। जांच एजेंसी का उद्देश्य कथित अवैध गतिविधियों से प्राप्त धन और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की पड़ताल करना है।हालांकि, उपलब्ध जानकारी में नेटवर्क के कुल आकार, इससे जुड़े लोगों की संख्या और कथित अवैध कमाई का विवरण नहीं दिया गया है।

प्रवीण शिंदे और बृजेश मोराडिया गिरफ्तार ईडी ने प्रवीण उर्फ नागेश रामचंद्र शिंदे और बृजेश कांजीभाई मोराडिया को गिरफ्तार किया है। दोनों की गिरफ्तारी पीएमएलए की धारा 19 के तहत की गई है।इस प्रावधान के अंतर्गत निर्धारित कानूनी शर्तें पूरी होने पर प्रवर्तन निदेशालय के अधिकृत अधिकारी मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों में गिरफ्तारी कर सकते हैं।हालांकि, उपलब्ध विवरण में दोनों गिरफ्तार व्यक्तियों की कथित भूमिका, उनके वित्तीय लेनदेन और सलीम डोला के नेटवर्क से उनके विशिष्ट संबंधों की विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि दोनों आरोपियों को किस अदालत में पेश किया गया और उनकी हिरासत को लेकर क्या आदेश जारी हुआ है।

कई एफआईआर के आधार पर शुरू हुई जांच प्रवर्तन निदेशालय के मुंबई जोनल कार्यालय ने विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर मामले की जांच शुरू की थी।इन एफआईआर में सलीम डोला और अन्य व्यक्तियों के खिलाफ नशीली दवाओं तथा मन:प्रभावी पदार्थों की अवैध तस्करी से जुड़े अपराधों के आरोप लगाए गए थे।मनी लॉन्ड्रिंग की जांच में ऐसी एफआईआर महत्वपूर्ण आधार बन सकती हैं, क्योंकि पीएमएलए के तहत अपराध से प्राप्त कथित धन की पहचान और उससे संबंधित गतिविधियों की जांच की जाती है।ईडी की जांच मूल आपराधिक मामलों से जुड़े आर्थिक पहलुओं पर केंद्रित होती है। इसमें यह देखा जाता है कि किसी अनुसूचित अपराध से कथित तौर पर प्राप्त संपत्ति को छिपाने, रखने, इस्तेमाल करने या वैध दिखाने जैसी गतिविधियां हुई हैं या नहीं।

तुर्की से भारत लाया गया था सलीम डोला इस मामले में सलीम इस्माइल डोला का नाम प्रमुखता से सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उसे हाल ही में तुर्की से भारत वापस लाया गया था।सलीम डोला पर ड्रग्स तस्करी से जुड़े गंभीर आरोप हैं। उसके और उसके सहयोगियों के खिलाफ दर्ज मामलों के आधार पर ईडी ने आर्थिक जांच शुरू की है।हालांकि, सलीम डोला को तुर्की से भारत लाने की सटीक तारीख, संबंधित कानूनी प्रक्रिया और उसके खिलाफ दर्ज सभी मामलों का विवरण उपलब्ध जानकारी में नहीं है।ऐसे में उसके खिलाफ आरोपों और मौजूदा जांच की स्थिति को लेकर किसी अतिरिक्त निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। ड्रग्स तस्करी से होने वाली अवैध कमाई की जांच नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों में केवल प्रतिबंधित पदार्थों की बरामदगी ही नहीं, बल्कि उनसे कथित रूप से अर्जित धन की जांच भी महत्वपूर्ण होती है।इसी उद्देश्य से प्रवर्तन निदेशालय पीएमएलए के तहत कार्रवाई करता है। जांच के दौरान एजेंसी कथित अपराध से प्राप्त संपत्ति और उससे जुड़े आर्थिक लेनदेन का पता लगाने का प्रयास करती है।इस मामले में भी ईडी ने सलीम डोला और उसके सहयोगियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को जांच का आधार बनाया है।हालांकि, एजेंसी द्वारा अब तक किसी संपत्ति को जब्त या कुर्क किए जाने अथवा किसी विशेष धनराशि का पता लगाए जाने की जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है। पीएमएलए की धारा 19 के तहत हुई कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 की धारा 19 प्रवर्तन निदेशालय के अधिकृत अधिकारियों को निर्धारित परिस्थितियों में गिरफ्तारी की शक्ति प्रदान करती है।इसके तहत गिरफ्तारी के लिए कानून में तय प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक होता है। संबंधित व्यक्ति को गिरफ्तारी के आधारों की जानकारी देना और निर्धारित समय के भीतर सक्षम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करना कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है।इस मामले में ईडी ने दोनों व्यक्तियों की गिरफ्तारी इसी प्रावधान के तहत की है।यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि गिरफ्तारी होने का अर्थ किसी व्यक्ति का दोष सिद्ध होना नहीं है। आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकती है। ड्रग्स नेटवर्क के आर्थिक संबंधों की पड़ताल ईडी की मौजूदा कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि सलीम डोला से जुड़े कथित ड्रग्स नेटवर्क के आर्थिक पहलुओं की जांच जारी है।इस प्रकार के मामलों में जांच एजेंसियां मूल अपराध से जुड़े वित्तीय लेनदेन और संभावित लाभार्थियों की पहचान करने का प्रयास करती हैं।हालांकि, प्रवीण शिंदे और बृजेश मोराडिया के संबंध में जांच एजेंसी के सभी निष्कर्ष अभी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं हैं।आगे की जांच में उनकी कथित भूमिका और मामले से जुड़े आर्थिक तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकती है। आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर सलीम इस्माइल डोला और उसके सहयोगियों से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दो लोगों की गिरफ्तारी के बाद आगे की न्यायिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।ईडी की जांच में यह निर्धारित किया जाना है कि कथित ड्रग्स तस्करी से प्राप्त धन से संबंधित किन गतिविधियों में कानून का उल्लंघन हुआ और उनमें किन व्यक्तियों की भूमिका रही।फिलहाल प्रवीण उर्फ नागेश रामचंद्र शिंदे और बृजेश कांजीभाई मोराडिया को पीएमएलए की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है।मामले में आगे की स्थिति जांच एजेंसी द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों और संबंधित अदालत के आदेशों पर निर्भर करेगी।


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