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मुंबई: मुंबई पश्चिम उपनगर के गोरेगांव, कांदिवली और बोरीवली में मुंबई मनपा के तीन नए अस्पतालों का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। इन अस्पतालों का निर्माणकार्य 85 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है। तीनों अस्पतालों में कुल 1,120 बेड उपलब्ध होंगे। इनमें गोरेगांव के सिद्धार्थ अस्पताल में 306, कांदिवली के शताब्दी अस्पताल में 324 और बोरीवली के भगवती अस्पताल में 490 बेड होंगे। इनके शुरू होने से केईएम, नायर, सायन, कूपर और राजावाड़ी जैसे प्रमुख मनपा अस्पतालों पर मरीजों का दबाव कम होगा।


मुंबई मनपा में नेता प्रतिपक्ष किशोरी पेडणेकर ने पार्टी नेताओं के साथ गोरेगांव स्थित सिद्धार्थ अस्पताल, कांदिवली पश्चिम के शताब्दी अस्पताल और बोरीवली पश्चिम के भगवती अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार और मनपा प्रशासन अस्पतालों का प्रबंधन निजी एजेंसियों को सौंपकर सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं का निजीकरण करना चाहता हैं। करीब 500 करोड़ रुपए की लागत से बने तीनों अस्पताल अंतिम चरण में हैं और अब केवल हस्तांतरण की प्रक्रिया शेष रह गई है। ये अस्पताल करदाताओं के पैसे से बने हैं, इसलिए इनका संचालन भी मुंबई मनपा के अधीन ही होना चाहिए, ताकि आम लोगों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा मिल सके।

पेडणेकर ने सरकारी ई-मार्केटप्लेस के जरिए दवाओं की खरीद में हो रही देरी, शताब्दी अस्पताल में पीपीपी मॉडल के तहत संचालित 13 वर्ष पुरानी एमआरआई मशीन के बार-बार खराब होने और नर्सिंग स्टाफ की कमी पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नए अस्पतालों में पर्याप्त संख्या में डॉक्टरों, नर्सों, तकनीशियनों, पैरामेडिकल और सफाई कर्मचारियों की शीघ्र नियुक्ति की जाए।

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