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बारामती : बारामती विधानसभा के उपचुनाव में रिकॉर्ड जीत के बाद डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार के परिवार के हौसले काफी बुलंद हैं। सुनेत्रा के बेटे जय ने यह कहकर सूबे की सियासत को गरमा दिया है कि 2029 में उनकी मां सीएम पद की प्रबल दावेदार हैं। उन्होंने कहा कि कुछ दिनों पहले मैंने अपने समर्थकों से बात की थी। सभी बारामतीवासी मेरे पिता अजित पवार को एक बार मुख्यमंत्री के तौर पर देखना चाहते थे लेकिन उनके असामयिक निधन की वजह से उनका यह सपना पूरा नहीं हो सका। अब स्थानीय लोग सुनेत्रा पवार को 2029 में सीएम के तौर पर देखना चाहते हैं। जय ने कहा कि जिस तरह से सुनेत्रा पवार मेहनत कर रही हैं, ऐसे में 2029 में सीएम बनकर वे दादा (अजीत पवार) की इच्छा पूरी करेंगी। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जय के इस बयान पर बीजेपी नेता क्या रिएक्शन देते हैं। गुरुवार को जय के बारामती जनता दरबार में लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली।

मैं नहीं लडूंगा राज्यसभा का चुनाव

बारामती में जब पत्रकारों ने जय से पूछा कि क्या सुनेत्रा पवार के इस्तीफे के बाद वह राज्यसभा की खाली हुई सीट से चुनाव लड़ेंगे तो इसके जवाब में जय ने साफ किया कि यह फिलहाल एमपी के तौर पर चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि मेरी पहली प्राथमिकता बारामती है और मैं यहां के लोगों के लिए काम करता रहूंगा।

रास सीट के लिए लॉबिंग तेज

सुनेत्रा पवार के इस्तीफे के बाद खाली हुई राज्यसभा की सीट के लिए पार्टी के अंदर लॉबिंग तेज हो गई है। पार्टी के कई नेताओं में राज्यसभा पहुंचने की होड़ मच गई है। चर्चा है कि राज्यसभा की सीट के लिए सुनेत्रा के बेटे जय पवार, आनंद परांजपे, भुजबल परिवार, मलिक परिवार, अविनाश आदिक और विक्रम काकड़े के नाम सबसे आगे है। हालांकि खाद्य व आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने साफ किया है कि मेरी कोई इच्छा नहीं है कि मुझे राज्यसभा भेजा जाए, मेरा कोई दबाव नहीं है। मेरे पास पहले से ही मंत्री पद है। इसलिए मुझे राज्यसभा भेजना सही नहीं होगा। हालाकि उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व जो भी फैसला लेगा, वह उन्हें मंजूर होगा।


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