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मुंबई : हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के सामने चुनौतियां और बढ़ गई हैं, क्योंकि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों  ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 993 रुपये की बड़ी बढ़ोतरी की घोषणा की है। इस बढ़ोतरी के बाद शहर में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत बढ़कर लगभग 3,024 रुपये हो गई है। इसे मुंबई के इतिहास में एक महीने में हुई सबसे बड़ी बढ़ोतरी माना जा रहा है। यह लगातार तीसरी बार है जब कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में तेज वृद्धि दर्ज की गई है। फरवरी के आखिर में वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के बाद से गैस की कीमतों में लगातार उछाल देखा जा रहा है। मार्च में 115 रुपये और अप्रैल में 196 रुपये की बढ़ोतरी के बाद अब मई में 993 रुपये का इजाफा हुआ है, जिससे कुल वृद्धि काफी ज्यादा हो गई है।

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन महीने में 19 किलोग्राम वाले कूलर एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में लगभग 78 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो चुकी है। इस तेजी से बढ़ती कीमतों का सबसे ज्यादा असर होटल, रेस्टोरेंट और फूड सर्विस सेक्टर पर पड़ रहा है, जो कमर्शियल एलपीजी के बड़े उपभोक्ता हैं। होटल और रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब वे पहले से ही सप्लाई की कमी और लागत बढ़ने की समस्याओं से जूझ रहे हैं। पिछले एक महीने में गैस सप्लाई में आई बाधाओं के कारण कई व्यवसायों को नुकसान उठाना पड़ा है, और अब नई कीमतों ने स्थिति को और कठिन बना दिया है।

उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि गैस की लागत बढ़ने से उनके संचालन खर्च में भारी वृद्धि हो गई है। ऐसे में उन्हें या तो अपने मेन्यू की कीमतें बढ़ानी पड़ेंगी या मुनाफे में कटौती करनी होगी। दोनों ही स्थितियों में कारोबार पर असर पड़ना तय है। छोटे और मध्यम स्तर के रेस्टोरेंट तथा स्ट्रीट फूड वेंडर्स के लिए यह स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण है। उनकी आय सीमित होती है और वे लगातार बढ़ती लागत को लंबे समय तक सहन नहीं कर सकते। कई कारोबारियों ने आशंका जताई है कि यदि कीमतों में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही, तो उन्हें अपना व्यवसाय सीमित करना या बंद करना पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा की कीमतों में बढ़ोतरी का असर केवल एक सेक्टर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका प्रभाव पूरी अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। खासकर फूड इंडस्ट्री में इसका सीधा असर ग्राहकों तक पहुंचता है, क्योंकि बढ़ी हुई लागत का कुछ हिस्सा कीमतों में शामिल किया जाता है। हॉस्पिटैलिटी सेक्टर ने सरकार से अपील की है कि इस बढ़ोतरी पर पुनर्विचार किया जाए और राहत के उपाय किए जाएं। उनका कहना है कि यदि लागत का दबाव कम नहीं किया गया, तो यह सेक्टर, जो बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार देता है, प्रभावित हो सकता है। कुल मिलाकर, मुंबई में कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में आई इस बड़ी बढ़ोतरी ने होटल और रेस्टोरेंट उद्योग के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। लगातार बढ़ती लागत और पहले से मौजूद समस्याओं के बीच यह सेक्टर अब राहत की उम्मीद कर रहा है।

 

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