Latest News

मुंबई: शिवसेना (यूबीटी) विधायक आदित्य ठाकरे ने जंतर-मंतर पर चल रहे युवा आंदोलन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से सोनम वांगचुक, अभिजीत दीपके और हजारों युवा दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे थे। यह आंदोलन अब केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे देश में फैल चुका था। आदित्य ठाकरे ने कहा कि युवाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी ने इस आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। उन्होंने कहा कि जब बड़ी संख्या में युवा किसी मुद्दे को लेकर एकजुट होते हैं, तो उनकी मांगों और चिंताओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।

शिवसेना (यूबीटी) नेता ने कहा कि जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में देश के अलग-अलग हिस्सों से युवाओं ने हिस्सा लिया। उन्होंने दावा किया कि यह आंदोलन केवल किसी एक स्थान या वर्ग का मुद्दा नहीं था, बल्कि युवाओं के भविष्य और अधिकारों से जुड़ा विषय बन गया था। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में लोगों को अपनी बात रखने का अधिकार है और सरकारों को जनता की आवाज सुननी चाहिए। आदित्य ठाकरे ने युवाओं की मांगों पर चर्चा और समाधान की जरूरत पर जोर दिया।

सोनम वांगचुक और अभिजीत दीपके के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन को लेकर देश के कई हिस्सों में प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। प्रदर्शनकारियों की ओर से विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार से जवाब और सुधार की मांग की गई थी। आदित्य ठाकरे ने कहा कि युवाओं से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक नजरिए से नहीं बल्कि भविष्य की दृष्टि से देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा, रोजगार और युवाओं के अधिकारों से जुड़े विषयों पर प्रभावी कदम उठाना जरूरी है। मुंबई में दिए गए इस बयान के बाद एक बार फिर युवा आंदोलन को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्षी दल जहां इसे युवाओं की आवाज बता रहे हैं, वहीं सरकार की ओर से संबंधित मुद्दों पर बातचीत और समाधान की प्रक्रिया जारी रहने की बात कही जा रही है।

Weather Forecast

Advertisement

Live Cricket Score

Stock Market | Sensex

Advertisement