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मुंबई :  मुंबई के निवासियों को भीषण गर्मी के बीच जल्द ही पानी की कटौती का सामना करना पड़ेगा। दरअसल शहर को पानी सप्लाई करने वाले झीलों में जलस्तर तेजी से कम हो रहा है, इसके चलते एशिया की सबसे अमीर नगर निगम बीएमसी ने 15 मई से 10 प्रतिशत पानी की कटौती की घोषणा की है। मौसम विभाग (आईएमडी) ने इस साल ‘अल नीनो’ मौसम चक्र के कारण मानसून के सामान्य से कम रहने की भविष्यवाणी की है। इस बीच बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने 15 मई से पूरे शहर में 10 प्रतिशत पानी की कटौती लागू करने का निर्णय किया है। 

बीएमसी कमिश्नर अश्विनी भिडे ने मंगलवार को मानसून पूर्व समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए यह जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि शहर को पानी की आपूर्ति करने वाली सात झीलों में कुल जल भंडार 28.35 प्रतिशत है, जो 6 जुलाई तक के लिए उपयुक्त है। लेकिन इस साल मानसूनी बारिश को लेकर अनिश्चितता के चलते 15 मई से 10 प्रतिशत पानी की कटौती लागू करने का फैसला किया गया है। क्योंकि अल नीनो के कारण इस मानसून सीजन में कम बारिश की उम्मीद जताई जा रही है। 

आईएएस भिडे ने कहा कि बीएमसी भाटसा बांध से 12.3 करोड़ घन मीटर और ऊपरी वैतरणा जलाशय से 9 करोड़ घन मीटर पानी का भंडार करने की योजना बना रही है। अगर राज्य सरकार आरक्षित भंडार से पानी निकालने की अनुमति देती है और प्रस्तावित 10 प्रतिशत पानी की कटौती लागू की जाती है, तो 17 अगस्त तक के लिए पानी उपलब्ध है। बता दें कि मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाले सभी सात झीलों- भातसा, अपर वैतरणा, मध्य वैतरणा, तानसा, मोडक सागर, विहार और तुलसी की जल संग्रहण क्षमता 14 लाख 47 हजार 363 मिलियन लीटर है। इन सात बांधों से प्रतिदिन 385 करोड़ लीटर पानी की आपूर्ति की जाती है। ये झीले मुंबई, ठाणे और नासिक जिलों में स्थित हैं।

मुंबई में बारिश की तैयारी शुरू

इस बीच, बीएमसी ने मानसून के दौरान शहर के निचले हिस्सों में होने वाले जलभराव से निपटने के लिए 547 पोर्टेबल जल निकासी पंप लगाने की तैयारी की है। इसमें 146 मुंबई शहर में, 178 पूर्वी उपनगरों में और 123 पश्चिमी उपनगरों में लगाए जाएंगे। इसके अलावा छह पंपिंग स्टेशन और 10 मिनी पंपिंग स्टेशन भी बनाए जाएंगे। बीएमसी कमिश्नर अश्विनी भिडे ने बताया कि मुंबई में बाढ़ की चपेट में आने वाले 496 स्थान हैं, जिनमें से 403 का समाधान किया जा चुका है और बाकि 93 में से केवल 13 जगहों पर ही मानसून से पहले काम पूरा हो पाएगा। उन्होंने बताया कि पिछले साल मानसून की जल्दी शुरुआत और प्री-मानसून बारिश की संभावना को देखते हुए यह पंप 5 मई से तैयार रखे जाएंगे। सभी पोर्टेबल पंपों में आईओटी आधारित उपकरण लगाए जाएंगे, जिससे वह स्मार्टफोन के जरिए नियंत्रित किये जा सकेंगे और कंट्रोल रूम से रियल-टाइम निगरानी होगी।


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