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मुंबई : मुंबई की एक अदालत ने शुक्रवार को शिवसेना के पूर्व नेता राजेश शाह के बेटे की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें 2024 के हिट-एंड-रन हादसे में शामिल बीएमडब्ल्यू कार वापस करने की मांग की गई थी। अदालत ने कहा कि यह महंगी गाड़ी “हथियार” की तरह इस्तेमाल की गई थी और इसके दोबारा दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। 

यह बीएमडब्ल्यू कार कथित रूप से राजेश शाह का बेटा मिहिर शाह चला रहा था, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। यह हादसा सात जुलाई 2024 को हुआ था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अनिल डी सालुंखे ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया वाहन का उपयोग “हथियार की तरह” किया गया और इसके पुनः उपयोग या दुरुपयोग की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

मिहिर शाह (24) को घटना के तीन दिन बाद गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि उसने वर्ली इलाके में अपनी बीएमडब्ल्यू कार से एक दोपहिया वाहन को टक्कर मार दी, जिससे 45 वर्षीय महिला कावेरी नाखवा की मौत हो गई, जबकि उनके पति प्रदीप घायल हो गए।

पुलिस ने इस दुर्घटना की जांच के तहत कार को जब्त कर लिया था। मिहिर शाह ने अपनी याचिका में कहा था कि उन्हें यह कार व्यवसाय और पारिवारिक उपयोग के लिए चाहिए। शाह के वकील ने दलील दी कि जांच पूरी हो चुकी है, आरोप-पत्र दाखिल किया जा चुका है और वाहन के मूल मालिक को इसे शाह परिवार को सौंपे जाने पर कोई आपत्ति नहीं है।

अभियोजन पक्ष ने हालांकि आशंका जताई कि कार लौटाए जाने पर साक्ष्यों से छेड़छाड़ की संभावना हो सकती है। लोक अभियोजक अश्विनी रायकर ने तर्क दिया कि यह सिर्फ एक सड़क दुर्घटना का मामला नहीं, बल्कि गंभीर घटना है, जिसमें आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या) और 281 (लापरवाही से वाहन चलाना) सहित मोटर वाहन अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत मामला दर्ज है। उन्होंने कहा कि आरोपी जुलाई 2024 से न्यायिक हिरासत में है और गंभीर आरोपों के चलते उसे अब तक जमानत नहीं मिली है।

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