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मुंबई : देश की सबसे अमीर महानगरपालिका कही जाने वाली मुंबई महानगरपालिका का मुख्यालय, जो अपनी चाक-चौबंद सुरक्षा के लिए जाना जाता है, वहां से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। भारी सुरक्षा घेरे और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी के बावजूद, मुख्यालय के भीतर ही 'हाथ की सफाई' का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। ताजा घटनाक्रम में, शिवसेना (यूबीटी) की नगरसेविका लक्ष्मी भाटिया चोरों का निशाना बनीं, जिनके पर्स से अज्ञात शातिर ने हजारों की नकदी पर हाथ साफ कर दिया।

आपको बता दें कि यह घटना तब हुई जब बुधवार को पहली मंजिल पर स्थायी समिति की अहम बैठक खत्म होने के ठीक बाद सभी सदस्य लंच के लिए एकत्र हुए थे। मिली जानकारी के अनुसार, दोपहर 12 बजे स्थायी समिति की महत्वपूर्ण बैठक शुरू हुई थी, जो करीब एक घंटे तक चली। बैठक समाप्त होने के बाद सभी नगरसेवक बगल में स्थित पेंट्री में लंच के लिए गए थे। लक्ष्मी भाटिया ने बताया कि जब वह लंच के बाद वापस लौटीं, तो उन्होंने देखा कि उनके पर्स की चेन खुली हुई थी और उसमें रखे 20,000 रुपये गायब थे।

सीसीटीवी की कमी का फायदा?

हैरानी की बात यह है कि बीएमसी मुख्यालय में कड़ी सुरक्षा और गलियारों में सीसीटीवी कैमरे होने के बावजूद, स्थायी समिति हॉल के भीतर कोई कैमरा नहीं लगा है। अधिकारियों का कहना है कि निजता और सुरक्षा नियमों के कारण निर्वाचित प्रतिनिधियों के बैठक हॉल या कक्षों के भीतर कैमरे नहीं लगाए जाते हैं। इसी का फायदा उठाकर किसी ने इस वारदात को अंजाम दिया।

सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

नगरसेविका लक्ष्मी भाटिया ने इस घटना की जानकारी विपक्ष की नेता किशोरी पेडणेकर, स्थायी समिति के अध्यक्ष प्रभाकर शिंदे और मेयर रितु तावड़े को दी है। भाटिया ने इसे सुरक्षा में बड़ी चूक बताते हुए कहा, 'जब नागरिक मुख्यालय में ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या होगा?'

जांच के आदेश

इस घटना के बाद स्थायी समिति के अध्यक्ष प्रभाकर शिंदे ने नागरिक अधिकारियों को मामले की गहन जांच करने के निर्देश दिए हैं। लक्ष्मी भाटिया ने इस संबंध में पुलिस में औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराई है।


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