परप्रांतीय चालकों को मराठी बोलना अनिवार्य... नहीं बोलने पर “प्रसाद” की चेतावनी !
मुंबई : मुंबई में परप्रांतीय ऑटो और टैक्सी चालकों को लेकर एक विवादित बयान सामने आया है। शिवसेना (शिंदे गुट) के प्रवक्ता अरुण सावंत ने कहा है कि 1 मई से जो भी परप्रांतीय चालक नया लाइसेंस बनवाएंगे या पुराने लाइसेंस का नवीनीकरण कराएंगे, उन्हें कम से कम सामान्य स्तर पर मराठी बोलना आना चाहिए। अगर वे मराठी नहीं बोल पाए तो उन्हें “प्रसाद” यानी मार झेलने के लिए तैयार रहना होगा।
यह बयान राज्य के परिवहन मंत्री द्वारा दिए गए उस सुझाव के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि वाहन चालक को स्थानीय भाषा का ज्ञान होना जरूरी है। सावंत ने इस निर्णय का समर्थन करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में काम करने वाले लोगों को यहां की भाषा का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि शिवसेना परप्रांतीयों का स्वागत करती है, लेकिन उन्हें मराठी सीखनी चाहिए क्योंकि इससे उनके काम में भी फायदा होगा। इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के नेता अबू आजमी ने विरोध जताया है, जिसे सावंत ने गलत बताया। उन्होंने कहा कि पहले भी ऐसे मुद्दों पर विधानसभा में विवाद हुआ था और अब फिर से मराठी-अमराठी का मुद्दा गरमा सकता है।