साइबर स्लेवरी मामले में झारखंड सीआईडी की एक और बड़ी कार्रवाई, मुंबई के डोंगरी से दाऊद गिरफ्तार
मुंबई : झारखंड सीआईडी की साइबर क्राइम ब्रांच की टीम ने अंतर्राष्ट्रीय साइबर स्लेवरी मामले में एक और बड़ी कार्रवाई की है. सीआईडी ने मामले में महाराष्ट्र के मुंबई स्थित डोंगरी से दाऊद अहमद को गिरफ्तार किया है.
मुंबई से हुई गिरफ्तारी
झारखंड के कई युवाओं को विदेश में नौकरी देने का झांसा देकर उन्हें साइबर गुलाम बनाने वाले रैकेट के इंडियन एजेंट दाऊद अहमद को मुंबई से गिरफ्तार किया गया है. दाऊद अहमद ने झारखंड के कई युवाओं को अपने जाल में फंसा कर म्यांमार स्थित एक फर्म में साइबर ठगी के धंधे में लगा दिया था. सीआईडी की साइबर क्राइम ब्रांच के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार मुंबई पुलिस की सहायता से दाऊद की गिरफ्तारी हुई है.
क्या है पूरा मामला
सीआईडी के द्वारा जारी प्रेस रिलीज में यह बताया गया कि पूरा मामला साइबर गुलाम बना कर बेरोजगार युवकों से ऑनलाइन ठगी कराने का का है. जांच के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि गिरफ्तार अभियुक्त विदेश के साइबर अपराधियों के साथ मिलकर साजिश रचता था. वह भारत के युवाओं को विदेश में आकर्षक नौकरी का प्रलोभन देकर उन्हें भर्ती करता था. उसके बाद सभी को विदेश भेज कर साइबर ठगी जैसे निवेश घोटाले, डिजिटल अरेस्ट और अन्य प्रकार की साइबर ठगी कराता था.
यह नेटवर्क झारखंड के भोले-भाले युवाओं को म्यांमार के साइबर पार्क भेजता था, जहां युवाओं को जबरन ऑनलाइन धोखाधड़ी गतिविधियों में भाग लेने के लिए मजबूर किया जाता था. गहन और विस्तृत जांच के आधार पर इस कांड में लिप्त मुख्य एजेंट दाऊद अहमद को मुंबई से गिरफ्तार किया गया है.
पूर्व में सरताज की गिरफ्तारी हुई थी
दाऊद अहमद भारत और विदेशों में स्थित अपने सहयोगियों के साथ मिलकर साजिश रचता था. वह युवाओं को विदेश में आकर्षक नौकरी दिलाने का लालच देकर उन्हें जाल में फंसाता था. विदेश में सभी को बंधक बना लिया जाता था. इसी मामले में पूर्व में उसके एक मुख्य सहयोगी जमशेदपुर के मानगो थाना क्षेत्र निवासी सरताज बालम को गिरफ्तार किया गया था.