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मुंबई : राज्य में लापता लड़कियों और महिलाओं के बढ़ते मामलों को देखते हुए मुख्यमंत्री और गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को विधान परिषद में बताया कि संबंधित पुलिस स्टेशनों का नॉमिनेशन उनके सर्च ऑपरेशन के परफॉर्मेंस के आधार पर तय किया जाएगा। भाजपा के निरंजन डावखरे व अन्य सदस्यों ने नाबालिग लड़के, लड़कियों और महिलाओं के लापता होने का गंभीर मामला सदन में उठाया था। उन्होंने इन मामलों में सरकार द्वारा उठाए गए ठोस कदमों की जानकारी मांगी। जवाब देते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि साल 2024 में राज्य में 45,662 महिलाएं और 11,316 नाबालिग लड़कियां लापता हुई थी। जबकि 2025 में 48,278 महिलाएं और 12,113 लड़कियां लापता होने के मामले दर्ज किए गए थे। उन्होंने माना कि 2025 में पिछले साल के मुकाबले 2,616 महिलाएं और 797 लड़कियां ज्यादा लापता हुईं हैं। 

अब तक ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत 41,193 बच्चों और लड़कियों को सफलतापूर्वक ट्रेस किया जा चुका है। लगभग 55 से 60 प्रतिशत लापता महिलाएं पहले साल में मिल जाती हैं, जबकि यह रेट ढाई से तीन साल में 90 फीसदी तक पहुंच जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि महिलाओं के सर्च रेट में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि एक साल बाद, कुछ मामलों में परिवार और पुलिस द्वारा फॉलो-अप कम हो जाता है, जो चिंता की बात है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बैकग्राउंड में एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस की अध्यक्षता में हर महीने एक स्पेशल रिव्यू मीटिंग होती है। महिला पुलिस ऑफिसर मामलों का डिटेल्ड रिव्यू करती हैं।

 

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