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  फर्जी पासपोर्ट एवं वीजा पर एक हजार से ज्यादा लोगों को विदेश भेज चुके एक गैंग का एयरपोर्ट थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गैंग के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके पास से 325 फर्जी पासपोर्ट, 175 फर्जी वीजा, 1200 फर्जी रबड़ स्टैंप, 7 मोबाइल, लैपटॉप, कंय्यूटर, स्कैनर एवं अन्य मशीनें बरामद किया हैं।इस गैंग का सरगना जाहिर बीते 25 वर्षों से फर्जी पासपोर्ट एवं फर्जी वीजा का काम कर रहा है। इस गैंग का सदस्य जकीर युसूफ शेख नेटफ्लिक्स के लिए बनने वाली फ्लिम एवं वेब सीरीज में रुपये लगाता है। अभी तक वह चार फिल्मों में रुपये लगा चुका है। यह गैंग एक व्यक्ति को विदेश भेजने के लिए लगभग 50 लाख रुपये लेता था।

डीसीपी तनु शर्मा ने शनिवार को बताया कि बीते 6 जून को गुजरात निवासी रवि रमेशभाई को कुवैत से डिपोर्ट कर भारत भेजा गया था। यहां जांच में पता चला कि उसका पासपोर्ट फर्जी है। फर्जी पासपोर्ट पर किसी एजेंट द्वारा उसे भेजा गया था। इस बाबत मामला दर्ज कर पुलिस ने आरोपित रवि रमेशभाई को गिरफ्तार कर लिया।

इस मामले की जांच एसीपी वीरेन्द्र मोर की देखरेख में इंस्पेक्टर सतीश कुमार और अनुज शर्मा ने शुरु की। पूछताछ में रवि ने पुलिस को बताया कि वह एजेंट जाकीर, नारायणभाई और मुश्ताक उर्फ जमील पिक्चरवाला के सपर्क में आया जो गुजरात और मुंबई के रहने वाले हैं। उसे नारायणभाई ने बताया कि वह 65 लाख रुपये में पासपोर्ट और वीजा दिलवाकर उसे अमेरिका भिजवा देगा। सौदा तय होने पर उसने नारायणभाई को 15 लाख रुपये एडवांस दिए। उसने अपनी फोटो और हस्ताक्षर मुंबई के ज़कीर और जमील को व्हाट्सएप पर भेजे जिससे उसका फर्जी पासपोर्ट तैयार हो गया।

इसके बाद उसके पासपोर्ट पर नीदरलैंड का फर्जी वीजा लगाया गया। उसे अमिराका पहुंचने पर बकाया 50 लाख रुपये देने के लिए एजेंटों ने कहा था। उसकी गिरफ्तारी का पता चलते ही एजेंट भूमिगत हो गए। लेकिन बीते तीन अगस्त को पुलिस टीम ने जमील को मुंबई से गिरफ्तार कर उसके पास से चार मोबाइल बरामद कर लिए। उसने पुलिस को बताया कि इस फर्जीवाड़े के धंधे का सरगना मुंबई निवासी ज़कीर शेख है।

पुलिस टीम ने बीते 16 अगस्त को उसे गिरफ्तार कर लिया। उसने बताया कि इस काम के लिए उन्हें फर्जी पासपोर्ट एवं अन्य दस्तावेज राजू भाई उर्फ इम्तियाज अली सप्लाई करता है। इस जानकारी पर पुलिस ने छापा मारकार इम्तियाज और उसके साथी संजय दत्ताराम को गिरफ्तार कर लिया।

डीसीपी ने बताया कि गिरफ्तार किया गया आरोपी जाकीर मुंबई का रहने वाला है। वह बीते 25 वर्षों से फर्जी पासपोर्ट एवं फर्जी वीजा का काम कर रहा है। उसके खिलाफ इससे पूर्व 6 मामले दर्ज हैं। उसने मुंबई में एक दफ्तर खोल रखा था जहां पर वह फर्जी दस्तावेज तैयार करता था। अब तक वह एक हजार से ज्यादा लोगों को फर्जी दस्तावेजों पर विदेश भेज चुका है। वह लोगों को अमेरिका, मैक्सिको, आस्ट्रेलिया, फ्रांस, कनाडा आदि जगह भेजता था।

वह पिछले कुछ वर्षों से नेटफ्लिक्स पर बनने वाली फिल्म एवं वेब सीरिज में रुपये लगा रहा था। उसके खिलाफ आईजीआई एयरपोर्ट पर 4, चाणक्यपुरी में एक और मुंबई में एक एफआईआर दर्ज है।

गिरफ्तार किए गए आरोपित पुलिस से बचने के लिए अंतरराष्ट्रीय नंबर का व्हाट्सएप इस्तेमाल करते थे ताकि पुलिस उन तक न पहुंच सके। वह अमेरिका मैक्सिको और कनाडा के नंबर इस्तेमाल कर रहे थे। मुख्य आरोपित जाकीर ने बीते दो महीने की फरारी के दौरान 89 आईईएमआई नंबर बदले हैं। यह गैंग दिल्ली, हरियाणा, गुजरात, पंजाब आदि जगह के लोगों को फर्जी दस्तावेजों पर विदेश भेज रहा था। वह एक व्यक्ति को विदेश भेजने के लिए 50 से 70 लाख रुपये तक लेते थे।

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