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मुंबई : कोरोना महामारी में मदद के नाम पर करोड़ों रुपए की लूट करनेवाले ठगों को पवई पुलिस ने नोएडा से गिरफ्तार किया है। इस गैंग के शातिर ठग विदेशी युवती की सुरीली आवाज में बात करके शिकार फंसाकर लूटते थे। ठगों से पूछताछ में पता चला कि गैंग में कोई युवती है ही नहीं। गैंग के पुरुष सदस्य ही विदेशी युवती की आवाज में बात करते थे। मिली जानकारी के अनुसार, मुंबई की पवई पुलिस ने एक ऐसे गिरोह को दबोचा है, जो कोरोना में मदद के नाम पर लोगों से ठगी करता था। इस गिरोह के ३ सदस्यों को पवई पुलिस ने दिल्ली से सटे नोएडा से गिरफ्तार किया है। इस गिरोह के काम करने का अंदाज पूरा फिल्मी था। ये गिरोह नोएडा से ऑपरेट करता था। उसके लिए इन्होंने बाकायदा दफ्तर खोल रखे थे। इस गैंग में हर कोई अपने-अपने काम में एक्सपर्ट था।

ये लोग पहले सोशल मीडिया में लड़की की फोटो और नाम के सहारे अपनी फेक आईडी बनाते और लोगों से दोस्ती करते। उन्हें बताते कि वे विदेश में रहते हैं। हिंदुस्थान में कोविड से बहुत परेशानी है, जिससे वे भी दुखी हैं इसलिए वो हिंदुस्थान के लोगों की मदद में अपनी तरफ से कुछ करना चाहते हैं। ऐसे में सोशल मीडिया में दूसरी तरफ मौजूद शख्स भी इनके झांसे में आ जाता। व्हॉट्सऐप, फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि से चैट करते हुए बात फोन कॉल तक जब आ जाती तो इस गैंग के लोग लड़की बनकर सिर्फ चैट ही नहीं करते थे, बल्कि लड़कियों की आवाज में उनसे बात भी करते थे। लड़की होने के चलते दूसरी तरफ मौजूद शख्स आसानी से इनका यकीन भी कर लेता। फिर ये मेडिकल किट व अन्य उपकरण करोड़ों रुपए की कीमत के जल्द ही भेजने का वादा करते। कुछ समय के बाद इन्हें एयरपोर्ट से कथित तौर पर फोन आता। ये फोन कॉल इस गिरोह के लोग ही कस्टम अधिकारी बनकर करते थे कि विदेश से तुम्हारा सामान आया है। उसकी कस्टम डयूटी भरनी पड़ेगी। इसके बाद वे ऑनलाइन पैसे ले लेते।


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