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मुंबई : महाराष्ट्र में बढ़ते कोरोना संकट को देखते हुए राज्य सरकार ने जो वीकेंड लॉकडाऊन और बाकी दिनों में कड़े प्रतिबंध लगाए हैं उस पर अपनी प्रतिक्रियाएं देने के लिए महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि कल मैंने मुख्यमंत्री को फोन किया था। उनसे मिलना चाह रहा था। लेकिन उन्होंने बताया कि उनके आस-पास के लोगों को कोरोना है, वे खुद भी क्वारंटीन हैं इसलिए जूम ऐप से बात हो पाई। राज ठाकरे ने स्पष्ट कहा है कि इस साल राज्य में बोर्ड परीक्षाएं न हों और बच्चों को प्रमोट कर दिया जाना चाहिए। कोरोना के बढ़ते संक्रमण पर बोलते हुए राज ठाकरे ने कहा कि पिछली बार जो कोरोना की लहर आई थी उससे भी बड़ी लहर अब आई है। महाराष्ट्र एक औद्योगिक राज्य है इसलिए यहां बाहर से आने वाले लोगों की संख्या अधिक है। अभी हमने देखा कि पश्चिम बंगाल में चुनाव है, भीड़-भाड़ है लेकिन कोरोना नहीं है। ऐसा लगता है कि सिर्फ महाराष्ट्र में ही कोरोना है क्योंकि यहां परप्रांतीय ज्यादा आते हैं। एक और बात यह है कि अन्य राज्यों में अधिक टेस्टिंग नहीं हो रही है, टेस्टिंग होगी तब आंकडे आएंगे। अब राज्य सरकार बाहर से आने वाले लोगों की टेस्टिंग अनिवार्य करे। उन्हें कोरोना तो नहीं, इसकी जांच जरूरी है। कोई भी आता है, कोई भी जाता है, इस वजह से महाराष्ट्र के नागरिकों को घर में रहना पड़ता है। इससे विद्यार्थियों, व्यापारियों और अन्य धंधे करने वालों को परेशानियां उठानी पड़ती हैं। 

इसलिए जो लोग कोरोना की वजह से अपने-अपने गांव चले गए वे अगर वापस आएं या कोई भी आए उनकी टेस्टिंग अनिवार्य की जाए। आज कोरोना है कल कोई और बीमारी आ सकती है, इसलिए बाहर से आने वालों की टेस्टिंग और हेल्थ चेकअप जैसी चीजें नियमित और अनिवार्य होनी चाहिए। वर्तमान में राज्य में वीकेंड में कड़क लॉकडाऊन लागू है। बाकी दिनों में रात 8 बजे से सुबह 7 बजे तक नाइट कफ्र्यू है और दिन में धारा 144 लागू है। 


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