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टीम संतुलन के लिए शीर्ष क्रम के बल्लेबाज केएल राहुल को नियमित विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी सौंपने के टीम प्रबंधन के फैसले को पूर्व भारतीय विकेटकीपर सैयद किरमानी ने तलवार की धार पर चलने जैसा करार दिया। किरमानी ने कहा, ''यह सही है कि राहुल इस वक्त एक विकेटकीपर की जरूरत को पूरा कर रहे हैं लेकिन यह उनके साथ-साथ भारतीय टीम के लिए भी तलवार की धार पर चलने जैसा है।'' उन्होंने कहा कि राहुल भारत के लिए बेहद मूल्यवान खिलाड़ी हैं और वह किसी भी क्रम पर बल्लेबाजी कर सकते हैं।
किरमानी ने कहा, ''विकेटकीपिंग एक विशेषज्ञता पूर्ण काम है और इसमें जरा-सी भी गलती भारी पड़ सकती है। खुदा न करे अगर विकेटकीपिंग के दौरान राहुल को चोट लग गई तो यह भारत के लिए बहुत बड़ा झटका होगा।'' इस सवाल पर कि अगर राहुल बतौर विकेटकीपर टीम में मौजूद हों तो भारत के पास एक अतिरिक्त बल्लेबाज या गेंदबाज खिलाने का मौका होगा? पूर्व मुख्य चयनकर्ता ने कहा, ''अगर टीम के पांच बल्लेबाज और एक ऑलराउंडर मिलकर मुश्किल मैच परिस्थितियों में भारत को नहीं जिता पाएंगे तो एक अतिरिक्त बल्लेबाज या गेंदबाज खिलाने से कुछ खास फर्क नहीं पड़ेगा। अहम बात यह है कि राहुल का चोटिल होना भारतीय टीम को बहुत भारी पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि भारत के पास विकेटकीपिंग बल्लेबाज के तौर पर विकल्प नहीं है। टीम में ऋषभ पंत हैं ही। इसके अलावा दिनेश कार्तिक और ऋद्धिमान साहा भी मौजूद हैं। विकेटकीपिंग जैसा विशेषज्ञता पूर्ण काम किसी माहिर खिलाड़ी को ही सौंपा जाना चाहिए।''
इस सवाल पर कि पंत की मौजूदगी और राहुल को विकेटकीपर के तौर पर इस्तेमाल किए जाने के बाद क्या महेंद्र सिंह धोनी के लिए भारतीय टीम के दरवाजे बंद हो गए हैंकिरमानी ने कहा कि धोनी की खामोशी समझ से परे है। उन्होंने कहा ''बीसीसीआई के केंद्रीय अनुबंध से हटाए जाने के बाद भी धोनी खामोश रहे। अब यह कहा जा रहा है कि वह सिर्फ आईपीएल खेलेंगे। मुझे लगता है कि धोनी का अंतरराष्ट्रीय करियर लगभग खत्म हो चुका है। सैयद किरमानी ने कहा कि धोनी का यह तरीका सही नहीं है। वह एक महान कप्तान और खिलाड़ी हैं उन्हें बताना चाहिए कि वह पिछले छह महीने से मैदान पर क्यों नहीं उतरे।

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