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नई मुंबई : नई मुंबई में बिजली चोरी के मामले में महावितरण विभाग सख्त हो गया है। बिजली चोरी पकड़े जाने पर महावितरण विभाग दंडात्मक कार्रवाई करता दिखाई दे रहा है। दंड नहीं भरने पर बिजली उपभोक्ताओं पर कानूनी कार्रवाई भी करने की महावितरण ने ठान ली है। मिली जानकारी के अनुसार नेरुल इलाके में दो माह के भीतर कुल १९० बिजली चोरी के मामले सामने आए हैं। ज्ञात हो कि बिजली चोरी की रोकथाम को लेकर भांडुप परिमंडल के मुख्य अभियंता पुष्पा चव्हाण तथा नई मुंबई वाशी महावितरण मंडल अधीक्षक राजेश नाईक के आदेश पर नेरुल महावितरण विभाग के कार्यकारी अभियंता एस.डी. गायकवाड़ ने कुल ८ टीमें तैयार कर नेरुल इलाके के निवासी तथा व्यवसाई जगहों पर लगे बिजली मीटरों की जांच-पड़ताल की। दो माह से चल रही इस जांच-पड़ताल में कुल १९० बिजली मीटर के भीतर बड़ी गड़बड़ी होने का मामला सामने आया। बिजली मीटर के भीतर छेड़छाड़ की गई है। मीटर में वायर लुपिंग, मीटर बायपास, इनकमिंग वायर टेपिंग आदि गलतियां पाई गर्इं, जिसके कारण २ लाख ८८ हजार ३५३ यूनिट बिजली चोरी होने की बात बताई जाती है। हालांकि महावितरण विभाग ने दोषी पाए जानेवाले सभी उपभोक्ताओं पर दंडात्मक कार्रवाई कर ५२ लाख ६६ हजार रुपए दंड सहित बाकाया बिजली बिल भरने का नोटिस दी है। महावितरण जनसंपर्क अधिकारी ममता पांडे ने बताया कि बिजली की चोरी करना एक गंभीर अपराध है। विद्युत कानून नियम २००३ के अनुसार बिजली चोरी पकड़े जाने पर गैर जमानती अपराध माना जाता है, जिसमें तीन वर्ष तक सजा भी हो सकती है। दंडात्मक बिजली बिल नहीं भरने पर पुलिस में मामला दर्ज किया जाता है। महावितरण विभाग हर भागों में इस मुहिम को अंजाम देने की बात कह रहा है ताकि बिजली चोरी से बचा जा सके।



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