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पटना में पत्रकारनगर थाने से चंद कदम दूर हनुमाननगर की पीसी कॉलोनी में रविवार की रात चोरों ने जमकर उत्पात मचाया। छठ मनाने नालंदा स्थित अपने पैतृक गांव गए पुस्तक प्रकाशक पारितोष कुमार सिन्हा के वाल्मीकि सदन अपार्टमेंट के बंद फ्लैट का ताला तोड़कर चोर 60 लाख से अधिक के जेवरात, दो डिजिटल लॉकर व सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर चुरा ले गए। घटना को अंजाम देते समय चोरों ने अन्य कमरों में मौजूद परिजनों और किराएदारों के कमरों की कुंडी बाहर से बंद कर दी थी। इस मामले में चोरी का केस दर्ज कर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

पुस्तक प्रकाशक पारितोष सिन्हा मूलरूप से नालंदा जिले के नूरसराय के वृजपुर गांव के रहने वाले हैं। वे पांच भाई हैं और वाल्मीकि अपार्टमेंट इनका निजी है। पांचों भाई पारितोष कुमार, पंकज कुमार, ऋषिकेश कुमार, प्रवीण कुमार और प्रशांत कुमार का संयुक्त परिवार इसी अपार्टमेंट के अलग-अलग फ्लैट में रहता है। साथ ही कुछ किरायेदार भी रहते हैं। पारितोष सिन्हा अपने दो भाइयों पंकज व प्रशांत के साथ साइना पब्लिकेशन नाम से पुस्तकों का प्रकाशन करते हैं, जबकि ऋषिकेश दिल्ली तथा प्रवीण पुणे में नौकरी करते हैं। एक नवंबर को छठ पूजा के लिए सभी भाई अपने परिवार के साथ पैतृक गांव गए थे। बताया गया है कि मकान की रखवाली के लिए केवल दो भाइयों की पत्नी व उनके बच्चे अपने-अपने फ्लैट में रुके थे। रविवार की रात सात तालों को तोड़कर चोर मकान में दाखिल हुए। इसके बाद एक-एक सभी कमरों की आलमारी के लॉक तोड़ दिए और सोने व चांदी के कीमती जेवरात समेट लिए। यही नहीं, किचेन में रखा सरसों का तेल, इंडक्शन चूल्हा, चीनी, आटा चुरा ले गए। नहीं टूटने पर चोर दो डिजिटल लॉकर भी उठा ले गए, जिनमें जमीन के दस्तावेज रखे हुए थे। घटना के वक्त फ्रिज में रखी मिठाइयां भी चोरों ने खायी। घटना को अंजाम देने के बाद चोर अन्य फ्लैटों के कमरों की कुंडी बाहर से बंद कर भाग गए।

घटना की जानकारी सोमवार की सुबह तब हुई जब अन्य फ्लैटों में मौजूद पारितोष के परिजन सो कर उठे। बाहर से कुंडी बंद होने पर लोगों ने शोर मचाना शुरू किया। आवाज सुनकर किरायेदार बाहर आए और कुंडी खोली। बाहर निकलने के बाद परिजनों ने पारितोष सिन्हा के फ्लैट को देखा तो वहां अंदर सामान बिखरा पड़ा था। आलमारियों के लॉक टूटे थे, जबकि डिजिटल लॉकर गायब था। लोगों का कहना था कि चोर गाड़ी लेकर आए थे। घटना को अंजाम देने के बाद चोर गाड़ी से ही भाग निकले।  जिस फ्लैट में चोरी की घटना हुई है, उसमें सुरक्षा की दृष्टि से आठ सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इससे चोर पूरी तरह वाकिफ थे। इसलिए घटना को अंजाम देते समय चोर सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर खोल कर उठा ले गए। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने में जुटी है। घटना की सूचना पर पत्रकारनगर थाना प्रभारी मनोज कुमार मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का मुआयना करने के बाद एफएसएल टीम और डाग स्क्वॉयड को मौके पर बुलवाया। एफएसल टीम ने साक्ष्य इकट्ठा किए, जबकि डॉग स्क्वॉयड घटनास्थल से कुछ ही दूर जाकर वापस लौट आया।  पीड़ित पारितोष सिन्हा का कहना था कि परिजनों को बंधक बनाकर डकैती डाली गई है। पुलिस को डकैती का ही आवेदन दिया गया था, लेकिन पुलिस ने उस आवेदन के बदले दूसरा आवेदन अपने मन मुताबिक लिखवाकर ले लिया। इसी आवेदन के आधार पर पुलिस ने डकैती के बजाए चोरी का केस भी दर्ज किया है।  घटना को अंजाम देते समय चोरों ने शृंगारदान में रखी लिपिस्टक भी निकाल ली। इसके बाद शृंगारदान के शीशे पर लिपिस्टिक से लिखा कि भाभी जी अच्छी हैं और भैया....। मम्मी जी धन्यवाद। जांच के दौरान शृंगारदान के शीशे पर लिखे इन शब्दों को देखकर पुलिस भी दंग रह गई।  पुलिस ने कोई आवेदन नहीं बदलवाया है। मामला डकैती का नहीं, चोरी का है। हर पहलुओं की जांच करते हुए चोरों तक पहुंचने के लिए टीम गठित कर दी गई है। जल्द ही आरोपित सलाखों के पीछे होंगे। -गरिमा मलिक, एसएसपी 


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