कमलेश तिवारी हत्याकांड में नया खुलासा मुंबई के प्रदीप यादव नाम के मोबाइल फोन से अशफाक ने कमलेश को फोन किया था
कमलेश तिवारी हत्याकांड में पुलिस की कई टीमें अलग-अलग पहलुओं पर जांच कर रही है. पुलिस की कई टीमों ने अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर लोगों को हिरासत में भी लिया है. इस मामले पर हर रोज कई नए इनपुट मिल रहे हैं. कमलेश तिवारी का हत्यारा अशफाक रोहित सोलंकी नाम की फर्जी आईडी बनाकर कमलेश से बात किया करता था. प्रदीप के मोबाइल फोन से अशफाक ने ( कमलेश को ) फोन किया था. कमलेश के मोबाइल काल की डिटेल के आधार पर प्रदीप को उठाया गया है.
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कमलेश तिवारी हत्याकांड को लेकर कानपुर देहात जिले के रूरा थाना क्षेत्र के गांव गेंदामऊ निवासी प्रदीप यादव को एसटीएफ़ की टीम ने घेराबंदी कर रात करीब 2:00 बजे गिरफ्तार कर लिया है.ग्रामीणों की मानें तो प्रदीप यादव कई वर्षों से मुंबई में रह रहा है.
शुरुआती दौर की बात करें तो प्रदीप यादव के परिवार की स्थिति बेहद खराब थी वहीं वर्तमान स्थिति बेहतर है प्रदीप यादव का मुंबई में आलीशान फ्लैट है और गांव में हर तरह से सक्षम हैं.
प्रदीप यादव की बहन सीता यादव ने मीडिया पर आरोप लगाते हुए कहा कि कमलेश तिवारी हत्याकांड में मेरे भाई प्रदीप यादव को मीडिया फर्जी फंसा रही है.
उसका यह भी कहना है कि प्रदीप यादव करीब 18 सालों से मुंबई में रहता है और उसकी उम्र करीब 28 वर्ष है. परिजनों की मानें तो दो-चार दिनों के लिए प्रदीप यादव गांव आता था.
प्रदीप मुंबई में आरओ का काम करता है उसने मुम्बई में अच्छी खासी संपत्ति इकट्ठा कर ली है. मुंबई जैसे शहर में दो-दो प्लाट हैं.
अक्टूबर को एक्टीवेट हुआ मोबाइल नम्बर राजस्थान का निकला. वारदात के एक दिन पहले रात करीब साढ़े 12 बजे कमलेश को कॉल की गई थी. पड़ताल करने पर वो मोबाइल नंबर कानपुर देहात के टैक्सी चालक का निकला.
कमलेश तिवारी हत्याकांड में पुलिस की तफ्तीश में सामने आ रहा है कि हत्यारे ट्रेन से लखनऊ आए थे. लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन से कमलेश के घर का पता पूछते हुए वहां तक पहुंचे. बताया जा रहा है कि हत्यारों की लोकेशन हरदोई से मुरादाबाद होते हुए गाजियाबाद में मिली है. हत्यारों का सुराग लगाने के लिए पुलिस ने 3 मोबाइल नंबर खंगाले हैं.
अक्टूबर को एक्टीवेट हुआ मोबाइल नम्बर राजस्थान का निकला. वारदात के एक दिन पहले रात करीब साढ़े 12 बजे कमलेश को कॉल की गई थी. पड़ताल करने पर वो मोबाइल नंबर कानपुर देहात के टैक्सी चालक का निकला. हत्यारों को पकड़ने के लिए पुलिस की 10 टीमें लगाई गई. गुजरात भेजी गई टीम को लीड कर रहे हैं लखनऊ के एसपी क्राइम. गुजरात के हवाई अड्डों से दिल्ली और लखनऊ की फ्लाइट के यात्रियों से भी की गई पूछताछ.