मुंबई : अधिकारियों के अनुसार, पहली घटना 3 जुलाई (शुक्रवार) को हुई थी। तलोजा फेज-1 स्थित जनता गैराज के पास सागर विहार बिल्डिंग में रहने वाले 20 वर्षीय मोहम्मद मोबाशिर मोहम्मद शाहिद अपने दोस्तों के साथ पांडवकड़ा वॉटरफॉल घूमने पहुंचे थे। बारिश के कारण झरने का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ था और पानी का बहाव अत्यधिक तेज था।

तेज बहाव में बह गया युवक प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वॉटरफॉल के पास घूमने के दौरान मोहम्मद मोबाशिर अचानक तेज बहाव की चपेट में आ गए। उनके साथ मौजूद दोस्तों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि वे कुछ ही क्षणों में आंखों से ओझल हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग, आपदा प्रबंधन टीम और अन्य बचाव एजेंसियां मौके पर पहुंचीं। तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया, लेकिन खराब मौसम, तेज बहाव और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण शुरुआती घंटों में सफलता नहीं मिल सकी। तलाश के बीच हुआ दूसरा हादसा पहले युवक की तलाश जारी ही थी कि अगले ही दिन यानी 4 जुलाई (शनिवार) को उसी वॉटरफॉल पर एक और हादसा हो गया। जानकारी के अनुसार, 19 वर्षीय कॉलेज छात्रा शेनन गैसपर किनी, जो मुंबई के सांताक्रूज़ क्षेत्र की रहने वाली थीं, अपने दोस्तों के साथ पांडवकड़ा वॉटरफॉल घूमने आई थीं। इसी दौरान वह भी तेज बहाव की चपेट में आ गईं और पानी में बह गईं।

इस दूसरी घटना के बाद बचाव एजेंसियों के सामने चुनौती और बढ़ गई। रेस्क्यू टीम को एक साथ दो अलग-अलग लापता लोगों की तलाश करनी पड़ी। इसके लिए खोज अभियान का दायरा भी बढ़ाया गया। चार दिन तक चला सर्च ऑपरेशन लगातार बारिश और तेज बहाव के बावजूद रेस्क्यू टीम ने चार दिनों तक अभियान जारी रखा। इस दौरान पुलिस, दमकल विभाग, आपदा प्रबंधन दल, स्थानीय प्रशासन और प्रशिक्षित गोताखोरों ने संयुक्त रूप से तलाशी अभियान चलाया। बचाव दल ने नदी के बहाव वाले क्षेत्रों, चट्टानों के आसपास, झाड़ियों और निचले इलाकों में व्यापक खोजबीन की। कई स्थानों पर नावों और विशेष उपकरणों की भी मदद ली गई। ड्रोन और अन्य तकनीकी साधनों का उपयोग कर संभावित स्थानों की निगरानी की गई।

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