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भिवंडी : पुलिस सूत्रों ने बुधवार को बताया कि महाराष्ट्र एंटी-टेररिज़्म स्क्वॉड और मुंबई क्राइम ब्रांच ने ठाणे पुलिस को अलर्ट किया, जब भिवंडी के गरीब नगर में कथित तौर पर जुड़े एक टेरर प्लॉट के आरोपी ने पुलिस स्टेशन की रेकी करते हुए पाकिस्तान के हैंडलर शहजाद भट्टी और ऑपरेटिव आबिद जट्ट के साथ 18 सेकंड का वीडियो साझा किया। जानकारी के अनुसार, आरोपी ने भिवंडी के नारपोली पुलिस स्टेशन की तस्वीरें खींचीं और पास के एक पुल को असाइनमेंट के तहत रिकॉर्ड किया। इस वीडियो को देखकर स्थानीय पुलिस और एटीएस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की।

उत्तर प्रदेश एटीएस ने मामले में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान दानियाल अशरफ और कृष्ण मिश्रा के रूप में हुई है। दोनों को मई के पहले सप्ताह में उत्तर प्रदेश के बाराबंकी और गोरखपुर जिलों से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि अशरफ ने कथित तौर पर भिवंडी में पुलिस स्टेशन की रेकी की थी और इसे वीडियो में शामिल किया। अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों ने पाकिस्तान स्थित हैंडलरों के निर्देशों के तहत यह कार्य किया था। वीडियो में आरोपी शहजाद भट्टी और आबिद जट्ट के साथ संवाद करते दिखे, जो संभावित खतरनाक गतिविधियों की ओर इशारा करता है। पुलिस ने बताया कि आरोपी वीडियो में बताए गए पुल और अन्य संभावित स्थानों की जानकारी जुटा रहे थे, जिसे आगे की योजना में इस्तेमाल किया जा सकता था।

महाराष्ट्र एटीएस और मुंबई क्राइम ब्रांच ने इस मामले में ठाणे पुलिस के साथ मिलकर आपरेशन किया। स्थानीय पुलिस ने इलाके में सतर्कता बढ़ा दी है और आसपास के पुलिस स्टेशन व महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सुरक्षा कड़ी कर दी है। अधिकारियों ने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारियों और वीडियो के विश्लेषण से कई अहम सुराग मिले हैं, जिन पर आगे जांच जारी है। उत्तर प्रदेश एटीएस ने कहा कि दोनों आरोपी दानियाल अशरफ और कृष्ण मिश्रा पहले से ही संदिग्ध गतिविधियों में शामिल थे। उनकी गिरफ्तारी से यह स्पष्ट हुआ कि पाकिस्तान स्थित हैंडलरों की साजिश में भारतीय शहरों को निशाना बनाया जा रहा था। जांच में यह भी पता चला कि आरोपी ने स्थानीय पुलिस स्टेशन और आसपास के इलाके की पूरी जानकारी जुटाई, जिसे संभावित आतंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता था।

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस या एटीएस को दें। अधिकारियों ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है और पूरे देश में संभावित खतरे को देखते हुए सुरक्षा उपायों को और कड़ा किया गया है। इस घटना ने मुंबई और उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था एजेंसियों के लिए चेतावनी का काम किया है। एटीएस और क्राइम ब्रांच ने संयुक्त बयान में कहा कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और वीडियो विश्लेषण से आतंकवादियों के नेटवर्क की जानकारी सामने आने की उम्मीद है। इस तरह, भिवंडी में कथित टेरर प्लॉट का खुलासा और आरोपियों की गिरफ्तारी भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई का एक उदाहरण साबित हो रही है।

 

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