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मुंबई : :पश्चिम रेलवे के स्टेशनों पर 147 नई अत्याधुनिक स्वचालित टिकट वेंडिंग (एटीवीएम) मशीन लगाई जाने वाली है। इस काम का पर्चेस आर्डर भी आ चुका है। मिली जानकारी के अनुसार, नई मशीनें क़रीब डेढ़ से 2 महीनों में आ जाएंगी। इनमे से अधिकांश मशीनों को सबअर्बन सेक्शन में लगाया जाएगा। क्योंकि मुंबई में इनकी मांग अन्य जगहों से ज्यादा है। अधिकारी ने बताया कि करीब 110 मशीनों को उपनगरीय खंड में स्थापित किया जाएगा। यह सेटअप स्टेशनों के बढ़ते फुटफॉल को देखते हुए किया जाएगा। यह मशीन अत्याधुनिक होंगी, जिससे टिकट प्रक्रिया आसान और तेज हो जाएगी। परिणामस्वरूप यात्रियों को टिकट के लिए लंबी कतारों में खड़े होने की आव्यशकता नहीं होगी।

117 एटीवीएम की कोडल लाइफ समाप्त

पश्चिम रेलवे मुंबई मंडल के 36 सबअर्बन और 6 नॉन सबअर्बन स्टेशनों पर 344 स्वचालित टिकट वेंडिंग मशीन लगाई गई थी, जिनमे से 126 एटीवीएम ने अपना कोडल लाइफ पूरा कर लिया है। इसलिए, इन मशीनों को बदलने की प्रक्रिया चल रही है और कुछ स्टेशनों पर नई मशीनें पहले ही चालू कर दी गई हैं। इस पृष्ठभूमि में, रेलवे प्रशासन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में टिकटिंग बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने के लिए अतिरिक्त 147 नए एटीवीएम खरीदने का निर्णय लिया है। बता दें कि एक एटीवीएम मशीन की कोडल लाइफ 3 वर्ष की होती है। 

टिकट प्रणाली को फेसलेस और डिजिटल बनाने का हो रहा प्रयास

रेलवे प्रशासन टिकट प्रणाली को फेसलेस और डिजिटल बनाने का प्रयास कर रहा है। यात्रियों को टिकट काउंटर पर लाइन में लगने से बचाने के लिए प्रशासन ने स्टेशन पर एटीवीएम मशीन उपलब्ध कराई हैं। इस मशीन के माध्यम से यात्री यूपीआई या अन्य डिजिटल तरीकों का इस्तेमाल करके अपनी टिकट स्वयं ले सकता है। इससे समय की काफी बचत होती है और यात्रियों को अधिक सुविधा मिलती है। इसी के साथ ही डिजिटल भुगतान विकल्पों से पैसों की आवश्यकता कम हो जाती है।

रेल 1 ऐप की भी है व्यवस्था

इसके अलावा रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए रेल वन मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया है। इस ऐप की मदद से यात्री किसी भी समय अपने स्मार्टफोन के जरिए ऑनलाइन टिकट खरीद सकते हैं।

पहले यात्रियों को होती थी परेशानी

पहले स्थापित किये गए एटीवीएम मशीन कई बार स्टेशनों पर बंद पड़े देखे जाते थे। इससे यात्री को परेशानी होती थी और वे नाराज भी हो जाते थे। साथ ही पैसों का बारकोड स्कैन करने के बाद भी टिकट आने में समय लगता है। नई मशीन में जल्द टिकट आने की उम्मीद जताई जा रही है।

डिजिटल टिकटिंग प्रणाली को सरल बनाने की तैयारी

पश्चिम रेलवे के मुंबई डिवीजन के सीनियर डीसीएम अभय चौहान ने बताया कि हम डिजिटल टिकटिंग प्रणाली को सरल बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए हम पुराने एटीवीएम् को बदल रहे हैं और नई मशीनें भी खरीदरहे है। उन्होंने ये भी बताया कि इस आधुनिक तकनीक के उपयोग से मशीन के खराब होने की शिकायतें कम हों जाएंगी। अभय चौहान ने बताया कि हम टिकट प्रणाली को फेसलेस बनाकर यात्रियों का समय बचाने का प्रयास कर रहे हैं।

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