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पालघर : पालघर जिले में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी द्वारा कलेक्टर कार्यालय के सामने चलाया जा रहा विरोध प्रदर्शन जिला प्रशासन की समझाइश और बातचीत के बाद निलंबित कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों की अधिकांश मांगों को प्रशासन द्वारा स्वीकार कर लिए जाने के कारण यह फैसला लिया गया। कलेक्टर इंदुरानी जाखड़ ने आईएएनएस को बताया कि, “आज प्रदर्शनकारियों ने हमारी अपील पर एक प्रतिनिधिमंडल के साथ चर्चा करने के लिए कार्यालय का दौरा किया। हमने प्रतिनिधिमंडल के साथ लगभग 6 से 6.5 घंटे तक विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। जिन मांगों को जिला स्तर पर नियमों के अंतर्गत हल किया जा सकता था, उनके लिए हमने संरचित आश्वासन दिया कि इन्हें लागू किया जाएगा।” 

प्रदर्शनकारियों ने कई सामाजिक, आर्थिक और स्थानीय प्रशासनिक मुद्दों को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की थी। जिला प्रशासन ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि नियमों और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार, जो भी संभव है, वह शीघ्रता से लागू किया जाएगा। इंदुरानी जाखड़ ने कहा कि प्रशासन ने प्रतिनिधिमंडल को यह स्पष्ट कर दिया कि जिन मांगों पर तत्काल कार्यवाही संभव नहीं है, उन पर उच्च स्तर पर विचार किया जाएगा और समाधान खोजने के लिए उचित कार्रवाई की जाएगी।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के नेताओं ने प्रशासन के साथ हुई लंबी बैठक और बातचीत की प्रक्रिया को सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने उनकी अधिकांश मांगों को गंभीरता से लिया और आश्वासन दिया कि उनके समाधान पर काम किया जाएगा। इसके बाद पार्टी ने अपने सदस्यों को शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन निलंबित करने का निर्देश दिया। जिला प्रशासन की ओर से यह भी बताया गया कि प्रदर्शनकारियों को बातचीत का अवसर देने और उनकी मांगों को सुने जाने के बाद ही प्रदर्शन स्थगित किया गया। इस कदम से प्रशासन और नागरिकों के बीच विश्वास और सहयोग की भावना को भी बढ़ावा मिला।

स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने प्रशासन और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के बीच हुए समझौते की सराहना की। उनका कहना था कि लंबे समय तक सड़क पर विरोध प्रदर्शन के बजाय संवाद और वार्ता से मुद्दों का समाधान निकाला जाना ज्यादा प्रभावी और सकारात्मक कदम है। पालघर में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) का यह प्रदर्शन विशेष रूप से स्थानीय विकास, रोजगार, और सामाजिक कल्याण से जुड़े मुद्दों को लेकर आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर कार्यालय के सामने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज उठाई और अब प्रशासन के आश्वासन मिलने के बाद इसे निलंबित कर दिया गया है। इस पूरी प्रक्रिया ने यह साबित किया कि संवाद और समझौता हिंसक या अल्पकालिक प्रदर्शन से बेहतर समाधान प्रदान कर सकता है, और जिला प्रशासन तथा राजनीतिक दलों के बीच सहयोग की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।

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