मुंबई में प्रॉपर्टी बिक्री के 14 साल का टूटा रिकॉर्ड, एक साल में 1.5 लाख से ज्यादा बिके घर
मुंबई : देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में साल 2025 में प्रॉपर्टी ब्रिकी के सारे रेकॉर्ड टूट गए हैं। मुबंई देश का सबसे बड़ा और सबसे महंगा प्रॉपर्टी बाजार है। शहर में चल रहे इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के बड़े प्रोजेक्ट्स के कारण शहर की तस्वीर बदल रही है और प्रॉपर्टी की डिमांड भी बढ़ रही है। नाइट फ्रैंक इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, घरों की बिक्री ने 14 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। साल भर में शहर में कुल 1,50,254 प्रॉपर्टी के रजिस्ट्रेशन हुए हैं। यह लगातार बढ़ती उपभोक्ता मांग और सपोर्टिव सप्लाई की वजह से संभव हो पाया है।
बिजनेस स्टैंडर्ड में छपी खबर के मुताबिक, स्टैंप ड्यूटी कलेक्शन से महाराष्ट्र सरकार को 13,487 करोड़ रुपये मिले, जो 14 साल में सबसे ज़्यादा है। रजिस्ट्रेशन में सालाना आधार पर 6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। वहीं स्टैंप ड्यूटी रेवेन्यू में सालाना आधार पर एक फीसदी की बढ़ोतरी हुआ है। इस डेटा में रेजिडेंशियल और कमर्शियल प्रॉपर्टी में नई बिक्री और री-सेल दोनों शामिल हैं।
घरों की बंपर बिक्री
साल के आखिरी तक मार्केट में उत्साह कायम रहा। दिसंबर 2025 में 14,447 संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन हुआ, जिससे सरकार को 1,263 करोड़ रुपये स्टैंप ड्यूटी में मिले। दिसंबर में रजिस्ट्रेशन का 80 फीसदी हिस्सा रेसिडेंशियल प्रॉपर्टीज का रहा। सालाना तुलना में दिसंबर में रजिस्ट्रेशन 16% बढ़े, जबकि स्टैम्प ड्यूटी राजस्व में 11% की बढ़ोतरी हुई। महीने आधार पर देखा जाए तो दिसंबर में रजिस्ट्रेशन 18 फीसदी बढ़े हैं और स्टैम्प ड्यूटी में 22 फीसदी का उछाल देखने को मिला।
मार्च 2025 के बाद दिसंबर महीने ने साल का दूसरा सबसे मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया, जब रजिस्ट्रेशन 15,000 यूनिट्स के पार गया। इससे स्पष्ट होता है कि मुंबई में हाउसिंग डिमांड सालभर मजबूत रही।
सप्लाई और डिमांड में इजाफा
बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट में नाइट फ्रैंक इंडिया के अंतरराष्ट्रीय पार्टनर और चेयरपर्सन, शिशिर बैजल के हवाले से कहा गया है कि लगातार उपभोक्ता मांग और सप्लाई-साइड का सहयोगी माहौल इस स्थिरता के मुख्य कारण रहे हैं। वहीं आर्केड डेवलपर्स के चेयरपर्सन और मैनेजिंग डायरेक्टर अमित जैन ने बताया कि शहर में नई निर्माण गतिविधियों के कारण सप्लाई बढ़ी है और मांग भी उसी अनुपात में बढ़ी है।