शिवसेना के संजय रावत ने कहा कांग्रेस के बिना कोई अलग फ्रंट संभव नहीं।
संजय राउत ने कहा कि राहुल गांधी को आगे आना चाहिए बाकी पार्टी से बात करने के लिए। कांग्रेस के बिना कोई अलग फ्रंट संभव नहीं।
इससे पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान को लेकर शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना ने तीखा संपादकीय लिखा था। सामना के संपादकीय में लिखा गया था, कांग्रेस को राष्ट्रीय राजनीति से दूर रखना इसके बिना संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के समानांतर विपक्षी गठबंधन बनाना सत्तारूढ़ बीजेपी फासीवादी ताकतों को मजबूत करने जैसा है। यह सही है कि ममता बनर्जी ने बंगाल में कांग्रेस, वामपंथी दल का सफाया कर दिया है लेकिन कांग्रेस को राष्ट्रीय राजनीति से बाहर रखना एक तरह से मौजूदा फासीवादी ताकतों को मजबूत करना बढ़ावा देना ही है।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में शिवसेना, एनसीपी कांग्रेस के गठबंधन की सरकार है। ऐसे में संजय राउत का राहुल गांधी से मुलाकात करना कांग्रेस के लिए एक नया सहारा है। खासतौर पर ऐसे समय में जब टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी पार्टी के राजनीतिक सलाहकार प्रशांत किशोर लगातार कांग्रेस पार्टी पर निशाना साध रहे हैं। साथ ही पार्टी का विस्तार करने के लिए लगातार टीएमसी में कांग्रेस के नेताओं को शामिल कराया जा रहा है।
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